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प्रवीण नारायण चौधरी

दुर्गा पूजाक सुअवसर पर लांचिंग होयत ‘मिथिलानी विशेष टीशर्ट’ – मोदीश ब्ल्यू सीईओ झा

दिल्ली, २४ सितम्बर, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! हालहि प्रकाशित ‘मिथिला स्लोगन विशेष’ टी-शर्ट केर बाद आब किछुए दिन मे मोदीश ब्ल्यू द्वारा मिथिलानी सभक लेल विशेष ‘स्लोगन’ सहितक ‘टी-शर्ट’ केर लांचिंग कयल जेबाक समाचार भेटल अछि। मैथिल उपभोक्ता मे मोदीश ब्ल्यू केर टी-शर्ट प्रति बढैत रुझान तथा महिला समाज द्वारा हुनका सभक वास्ते सेहो किछु विशेष दुर्गा पूजाक सुअवसर पर लांचिंग होयत ‘मिथिलानी विशेष टीशर्ट’ – मोदीश ब्ल्यू सीईओ झा

अश्लीलताक प्रचलन चरम पर रहल युग मे विशुद्ध मैथिली सांस्कृतिक कार्यक्रम करयवला एक गाम

परिचय – गामक विशिष्टता आ सांस्कृतिक अवधारणा मे मैथिली-मिथिलाक महत्ता केर सुन्दर गाम – सहुरिया रिपोर्टः दिव्यांशु एवं दीनानन्द एक तरफ जखन अश्लीलता-फूहड़ता गाम-गाम मे प्रचारित-प्रसारित भेल अछि, ताहि ठाम एकटा आदर्श गामक रूप उभरल अछि आर ओकर नाम थिक सहुरिया। मधुबनी जिलान्तर्गत सहुरिया मिथिलांचल केर ओइ गाम मे अबैत अछि जतय मिथिला और मैथिली अश्लीलताक प्रचलन चरम पर रहल युग मे विशुद्ध मैथिली सांस्कृतिक कार्यक्रम करयवला एक गाम

ईश्वर एवं जीव स्वतन्त्र छथि वा परतन्त्रः पंडित रुद्रधर झा कृत् गूढ तत्त्व समीक्षा

स्वाध्याय – गूढ तत्त्व समीक्षा ईश्वर और जीव स्वतन्त्र छथि कि परतन्त्र – पंडित रुद्रधर झा   (अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी)   गोस्वामी तुलसीदासजी रामचरितमानस केर उत्तरकाण्ड मे लिखलनि अछि – ‘परवश जीव स्ववश भगवन्ता’ – लेकिन मीमांसकसम्राट कुमारिल भट्ट अपन कारिका केर अन्तर्गत लिखलनि अछि जे – ‘यत्नतः प्रतिषेध्या नः पुरूषाणां स्वतन्त्रता’। ईश्वर जीव ईश्वर एवं जीव स्वतन्त्र छथि वा परतन्त्रः पंडित रुद्रधर झा कृत् गूढ तत्त्व समीक्षा

मनोरंजन मे अश्लीलता केँ मिथिला समाज मे बढावा के देलक?

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी आर…. ई देखू! समाज यथार्थता – अश्लीलता केकरा लेल वर्ज्य हो? मनोरंजन मे ‘अश्लीलता’ जतय बहुल्य समाज स्वयं कलाकार सँ माँग करैत अछि, ओत्तहि एकटा वर्ग एहनो अछि जे अपना केँ ओहि सँ बचाबय लेल ‘फतवा’ जारी केलक अछि। कोनो एक गायिकाक एक गीत केर मुद्दा त बस एकटा निश्चित मनोरंजन मे अश्लीलता केँ मिथिला समाज मे बढावा के देलक?

गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता

कविताः गरीबी उन्मूलन – प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, नेपाल गरीबी कोनाक घटय मंच जीवनक सजल कवि लिखै अछि गजल कल्पनाकेर संसारमे माथ हरदम सोचय काज बस कोना हुअय गरीबीकेर नाम पर कवित आर कथा लिखी सुनि जेकर किछु मर्म लोक जे कानय-बजय मंत्रमुग्ध भऽ सब कियो चारू दिशि ताली पीटय भावनामे बहियो कियो कानि-कानि छाती गरीबी कोना घटय – समय-सान्दर्भिक कविता

कहलौं न – हम दोसर लोक छी….!! हँ-हँ, बुझि गेलौं अहाँ केहेन लोक छी!! – संतोषीक जोरदार हास्य कविता

कविताः दहेज पर आधारित – कवि संतोषी, धरान, नेपाल कहलौं न – हम दोसर लोक छी…..!! कहलौं न- हम दोसर लोक छी….!! एलौंह त बैसू कल कुशल सँ, हेबैह करतैह सब रंग बात, कन्यागत बैनि आयल छी अपनहिं, स्वागत में हम बरक बाप, लियह न शरबत, अपनहिं गाछक नेबो ऐहि में गारल अई, ओ कोल्ड कहलौं न – हम दोसर लोक छी….!! हँ-हँ, बुझि गेलौं अहाँ केहेन लोक छी!! – संतोषीक जोरदार हास्य कविता

मैथिली भाषा सँ रोजगार आ खुल्ला बाजारः सांस्कृतिक जनजागरण केर महत्वपूर्ण विकास

बाजारवाद और संस्कृतिः मैथिलीक परिप्रेक्ष्य मे (छूछ आलोचक लोकनिक नजरि खोलबाक लेल विशेष)   एखन सोशल मीडिया पर मैथिली गीत-संगीत एवं मनोरंजन मे ‘अश्लीलता’ केर प्रयोग पर खूब जोरदार बहस चलि रहल अछि। हरेक विषय मे समर्थन आ विरोध दू टा पक्ष एहि विषय मे सेहो स्पष्ट छैक। आइ मैथिली जिन्दाबाद पर पुनः एकटा बौद्धिक मैथिली भाषा सँ रोजगार आ खुल्ला बाजारः सांस्कृतिक जनजागरण केर महत्वपूर्ण विकास

नाटक लेखन सँ एनिमेशन फिल्म निर्माण धरि मैथिलीक स्टार युवा फिल्मकार अभिकाश झा

विशिष्ट युवा प्रतिभा परिचयः मैथिली मे एनिमेशन फिल्म निर्माणकर्ता ‘अभिकाश झा’ हम मिथिला छी। हमर माटि-पानि-आवोहवा सब किछु सदैव किछु नव सृजनकर्म लेल प्रेरित करैत अछि। जाहि माटि सँ साक्षात् पराम्बा जानकी अवतार लेलनि, अवश्य ओकर सौभाग्यक सीमा नहि रहि गेल अछि। भाग्यशाली हमर समस्त संतान जेकर रोम-रोम मे ज्ञान अपन विभिन्न रूप मे छलकैत नाटक लेखन सँ एनिमेशन फिल्म निर्माण धरि मैथिलीक स्टार युवा फिल्मकार अभिकाश झा

मैथिली गीत-संगीत-नृत्यक बाजार पर भोजपुरी-हिन्दीक राज, समाधान किः मंथन

मैथिली कलाकार लेल रोटीक जोगार   (सुझाव अपेक्षित, सिर्फ छूछ आलोचना आ फुस्टिकबाजी फेसबुकिया विरोध सँ काज नहि चलत।)   हिन्दी सिनेमा नाम मे एकटा गीत ‘चिट्ठी आयी है आयी है चिट्ठी आयी है’ बड लोकप्रिय भेल छल। एहि गीतक पृष्ठभूमि मे जाहि बात केर फिल्मांकन कयल गेल छलैक ताहि मे स्वदेशक भाइ केर व्यथा मैथिली गीत-संगीत-नृत्यक बाजार पर भोजपुरी-हिन्दीक राज, समाधान किः मंथन

केना आ कतय सँ कीनब मिथिला टी-शर्ट – मोदीश ब्लू केर सीईओ प्रबोध झा संग बातचीत

मैथिली स्लोगन सहितक गंजीक बढैत डिमान्ड   हालहि मिथिलाक एक युवा प्रतिभा द्वारा ‘मैथिली स्लोगन सहितक टी-शर्ट’ पर विस्तृत खबरि मैथिली जिन्दाबाद पर देल गेल छल। विदिते अछि जे उपरोक्त टी-शर्ट केर डिजाइनिंग मे सब सँ खास बात ई छैक जे ओहि पर मिथिलाक प्रचलित आ लोकप्रिय नारा (स्लोगन) केँ आर्टिस्टिक मैनर (कलात्मक तरीका) मे केना आ कतय सँ कीनब मिथिला टी-शर्ट – मोदीश ब्लू केर सीईओ प्रबोध झा संग बातचीत