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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिला मे खराब पक्ष कि-कि अछि? – सवालक उत्तर मे एक कवित

कविता – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक हाल बदहाल  जतय लोक केँ अपन भाषा, भेष आ भूषण सँ स्वयं लज्जा बोध होइत अछि जतय दूरक ढोल सोहाओन आ बारीक पटुआ तीत होइत अछि जतय सब जाति आ समुदाय में अंतर्विरोध आ अन्तर्विभाजन चरम पर अछि जतय जनकक समाजवाद आ सामाजिक न्याय कम बाहरी शासक केर फूट मिथिला मे खराब पक्ष कि-कि अछि? – सवालक उत्तर मे एक कवित

मैथिली-मिथिला लेल सहयोगी विराटनगर चिकित्सक डा. विमल अग्रवाल केर जीवनरक्षा लेल प्रार्थना

हे ईश्वर! जँ चमत्कार संभव होइक तऽ जरूर करू! बहुत कष्ट भेल ई सुनिकय जे हमर खास विद्यार्थी जेकरा २-२ वर्ष गणित पढेने रही, जे एकदम नजदीक रहिकय पढाई कएने छल, जे अपन मेहनत आ प्रतिभा सँ विराटनगर मे बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर बनल, ओ अचानक ब्रेन-डेड पोजिशन मे पहुँचि गेल अछि। साधारण छाती दर्द मैथिली-मिथिला लेल सहयोगी विराटनगर चिकित्सक डा. विमल अग्रवाल केर जीवनरक्षा लेल प्रार्थना

आजुक दुइ विशेष चिन्तन – अहाँ सेहो अपन महत्वपूर्ण राय जरूर दी कमेन्ट मे

आजुक चिन्तन   मिथिलाक लोक कतबो घटल मे कियैक नहि रहय, लेकिन ओकर जीवनशैली एहेन सुन्दर छैक जे सब कियो स्वाभिमानी आ आत्मविवेकी जरूर भेटैत अछि। जेना-जेना लोकक भौतिक आवश्यकता बढैत चलि जा रहल छैक, तहिना-तहिना मिथिला हेराइत चलि जा रहल अछि। आइयो जे कियो विदेहक देखायल बाट पर चलब पसिन करैत अछि, ओकरा मिथिला आजुक दुइ विशेष चिन्तन – अहाँ सेहो अपन महत्वपूर्ण राय जरूर दी कमेन्ट मे

मैथिली मिथिलाक टटका खबरि ८ मई २०१९ केर

मैथिली-मिथिलाक ‘दिन-भैर’   ८ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!   १. परशुराम जयन्ती पर विभिन्न आयोजन   काल्हि ७ मई २०१८ केँ जगह-जगह सँ ‘परशुराम जयन्ती’ मनेबाक समाचार भेटल। सहरसा मे प्रभात रंजन जी व संगी-सहयोगी लोकनि सेहो एकटा भव्य शोभायात्रा निकालिकय अपन सामुदायिक एकजूटताक प्रदर्शन कएने छलाह। सहरसाक मत्स्यगंधा मन्दिर सँ शहरक विभिन्न भाग मे मैथिली मिथिलाक टटका खबरि ८ मई २०१९ केर

रमण केर विवाह (मैथिली कथा)

मैथिली कथा – रमण केर विवाह – प्रवीण नारायण चौधरी भागवत मंडल केर नाम गामक एक सज्जन आ सम्भ्रान्त व्यक्तिक रूप मे लेल जाइत छलन्हि। २ गोट बेटाक विवाह सेहो अपना सँ साधारण परिवारक बेटी संग कएने छलाह। दुनू बेर मे हुनका द्वारा समधियाना मे पुतोहु नहि बेटी रूप मे पुतोहु लय जेबाक बात कहिकय रमण केर विवाह (मैथिली कथा)

आइ कि सब भेल ‘मैथिली-मिथिला’ मे

मैथिली-मिथिलाक ‘दिन-भैर’ ७ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! १. दिलीप कुमार झा, मधुबनी रायपुर (छत्तीसगढ़) आयल छी किछु नीजी काज सँ।एतय मैथिलीक जोत जगाब’बला , अपन मातृभूमिक स्मृति के संजोगि क’ राखबला “मैथिली प्रवाहिका” वार्षिक पत्रिका के संपादक मनीष कुमार झा सँ भेट भेल।बहुत अह्लादकारी रहल भेट।हिनक पूर्वज बेनीपट्टीक डूमरा गाम सँ प्रवजन क’क’ आयल छलाह।हिनका आइ कि सब भेल ‘मैथिली-मिथिला’ मे

मिथिलाक वैवाहिक उत्सव आ ‘स्वयंवर’ प्रथा पर एक सुझाव

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाक विवाह मे नवका प्रचलन ‘स्वयंवर’ केर रीत – एक सुझाव मानैत छी जे हमरा लोकनि आब मूल गाम-ठाम सँ प्रवासक जीवन जिबाक लेल बाध्य छी। बहुत रास विध-व्यवहार सँ जानि-बुझिकय मुक्ति पेबाक नियति बनि गेल अछि सेहो सच। लेकिन किछु कुरूप आ विद्रूप व्यवहार दोसर संस्कृति सँ नकल करब मिथिलाक वैवाहिक उत्सव आ ‘स्वयंवर’ प्रथा पर एक सुझाव

दहेज मुक्त मिथिला लेल उद्यमी-व्यवसायी द्वारा अपन नामक बैनर मार्फत नाराक प्रचार

माँगरूपी दहेज केर प्रतिकार करू, स्वेच्छाचार धर्म केँ बढावा दैत आपस मे कुटमैती जेहेन पवित्र सम्बन्ध कायम कय आगाँक पीढी-सन्तति केँ धराधाम मे आबय दियौक। – दहेज मुक्त मिथिला अभियान दहेज मुक्त मिथिला केर आह्वान पर एक सहयोग एहनो!   किछु दिन पहिने ‘दहेज मुक्त मिथिला’ ग्रुप पर अगबे अपन उद्यम या कीर्ति आदिक विज्ञापन दहेज मुक्त मिथिला लेल उद्यमी-व्यवसायी द्वारा अपन नामक बैनर मार्फत नाराक प्रचार

काठमांडू मे मैथिली नाटक – बेस्ट थियेटरिकल तकनीक संग प्रदर्शन आरम्भ भेल काल्हि सँ

विराटनगर, ४ मई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मिता आब कोना चलब – मैथिलीक चर्चित नाटक केर प्रदर्शन काठमान्डूक मण्डला नाटकघर अनामनगर मे भेल आरम्भ, प्रतिदिन संध्या ५ बजे सँ एकर प्रदर्शन लगातार १५ दिन धरि चलत   काल्हि २० गते वैसाख सँ काठमान्डूक मण्डला नाटक घर मे मैथिली नाटक “मिता आब कोना चलब” केर प्रदर्शनक शुभारम्भ काठमांडू मे मैथिली नाटक – बेस्ट थियेटरिकल तकनीक संग प्रदर्शन आरम्भ भेल काल्हि सँ

कि अहाँ केँ पता छल – अहाँक आसपास एक एहेन चिड़ियाँ अछि जे केकरो करोड़पति बना सकैत य!

टिटहीक एक आर खासियत   ई तथ्य बड़ा रोचक आ महत्वपूर्ण लागल, प्रसंगवश काल्हि कहने रही एक लेख मे, आइ एकरा आरो फरिछाकय लिखबाक इच्छा भेल अछि।   मान्यता अनुसार टिटही अपन अंडा कोनो खोंता बनाकय आ आन चिड़ियाँ जेकाँ अंडा सेविकय अपन सन्तति (ऐगला पीढी) केँ एहि धराधाम मे नहि आनि एक विचित्र प्रक्रिया कि अहाँ केँ पता छल – अहाँक आसपास एक एहेन चिड़ियाँ अछि जे केकरो करोड़पति बना सकैत य!