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प्रवीण नारायण चौधरी

जीवन एकटा कठही गाड़ी – हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी

गीत – प्रदीप पुष्प जीवन – गीत जिनगी एकटा कठही गाड़ी हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी कतबो थाकल होइ सवारी हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी १) कखनो सुख केर चिक्कन बाट होइ कहियो दुख केर खाधि अभरि जाय कहियो नौ – छह थार साजल होइ कहियो भुखले दिवस गुजरि जाय मूँह मलिन नै जीवन एकटा कठही गाड़ी – हिम्मत नै हारी, हिम्मत नै हारी

एक गृहस्थ केँ केना जीबाक चाही – साधारण नियम लेकिन महत्वपूर्ण अछि सभक लेल

गृहस्थ लेल साधारण नियम (स्रोत: कल्याण) १. प्रातकाल सूर्योदयसँ पहिले उठू। २. उठिते भगवान् केर स्मरण करू। ३. शौच-स्नान आदि सँ निवृत होइत भगवान् केर उपासना, सन्ध्या, तर्पण आदि करू। ४. बलिवैश्वदेव (नमकरहित पाकल भोजनसँ अग्निकेँ हवन) केलाके बाद समयपर भोजन करू। ५. रोज प्रातकाल माता, पिता आ गुरु आदि श्रेष्ठजनकेँ प्रणाम करू। ६. इन्द्रियकेर एक गृहस्थ केँ केना जीबाक चाही – साधारण नियम लेकिन महत्वपूर्ण अछि सभक लेल

“प्रारम्भिक राजतंत्रः विदेह” (मिथिलाक इतिहास, लेखकः डा. उपेन्द्र ठाकुर)

इतिहास – डा. उपेन्द्र ठाकुर “प्रारम्भिक राजतंत्रः विदेह”   (मिथिलाक इतिहास, लेखकः डा. उपेन्द्र ठाकुर)   विदेह नाम सम्बद्ध प्रदेश तथा एकर जनता एहि दुनूकेँ देल गेल छलैक। ब्राह्मण ग्रन्थ सभक सम्पादनक समय मध्यदेशक पूर्वमे कौशल विदेह नामक सजातीय जन सभक महासंघ छल, जकर महत्व पुरु-पंचाल जन सभसँ थोड़बो कम नहि छलैक।*१ प्राचीनकालमे विदेह देश “प्रारम्भिक राजतंत्रः विदेह” (मिथिलाक इतिहास, लेखकः डा. उपेन्द्र ठाकुर)

सेन्सरबोर्डक बापो फेल अछि एहि अराजक मनोरंजक गीत-संगीतक आगाँ

विशेष सम्पादकीय द नेपालटप आनलाइन पत्रिका मे श्री कमल मण्डल केर लेख ‘सेन्सरबोर्ड न हुंदा बिकृत बन्दै मैथिली गीत-संगीत’ शीर्षकक महत्वपूर्ण लेख पढलहुँ। काफी नीक ढंग सँ नेपालक मैथिली गीत-संगीत क्षेत्र मे आबि रहल क्रान्तिकारी परिवर्तनक समीक्षा कयलनि अछि। चूँकि कमलजी स्वयं सेहो एक फिल्मकर्मी आ कलाकार होयबाक संग खानदानी रंगकर्मी सेहो छथि, हुनका मे सेन्सरबोर्डक बापो फेल अछि एहि अराजक मनोरंजक गीत-संगीतक आगाँ

चनादाय केर सवाल पुरूष प्रधान समाज सँ छन्हि – वाणी भारद्वाजक टटका लघुकथा

लघुकथा – वाणी भारद्वाज एकपक्षीय निर्णय सं क्षुब्ध चनादाय चनादाय तीन साल पर अपन माँ लग जा रहल छलीह. गृहस्थी मे ओझरायल तइयो एहि बेर चारिये दिनक असगरे धिया-पुताक घरबला पर छोड़ि स्वयं नैहरा जाय लेल उत्साहित छलीह. माँ अपन छोट बालक आ हुनकर पत्नी तथा दुइ टा बच्चा संगे रहैत छलीह. जेना अपन खुट्टा चनादाय केर सवाल पुरूष प्रधान समाज सँ छन्हि – वाणी भारद्वाजक टटका लघुकथा

आजुक मैथिलानी अपन गृहस्थी आ बाल-बच्चाक पालन पोषण केना करथि (विज्ञ विचार)

लेख – स्नेहा प्रकाश ठाकुर जतय चाह ओतय राह “अहाँ केना मैनेज करैत छी ?” ई प्रशन हमरा स अनगिनत बेर पूछल जा चुकल अछि । और हर बेर हम ईहे जवाब दैत छी जे हम एक टा औरत छी और माँ भी, हम किछुओ कय सकैत छी । एक टा औरत खुद भी अपन आजुक मैथिलानी अपन गृहस्थी आ बाल-बच्चाक पालन पोषण केना करथि (विज्ञ विचार)

हाकिम भाइक दू-नेतः बहिन आ बेटी मे फर्कक मार्मिक कथा

लघुकथा – रूबी झा बेटी-बहिन केँ बहुतो व्यक्ति बड आन कय केँ बुझति छथि। जुग बदललैया, बेटीक प्रति पिताक बहुत हद तक सोच बदललैन्हें, लेकिन बहिन के प्रति एखनो लगभग ओहने सोच हावी देखैत छी। एहि बात केर उदाहरण समाज में बहुतो जगह अपने लोकनि देखने हेबैय। देवचन्द्रबाबू सरकारी आला अधिकारी छलथि। बहिनक विवाह में हाकिम भाइक दू-नेतः बहिन आ बेटी मे फर्कक मार्मिक कथा

अद्भुत आ समर्पित युवा समाजसेवी मनोज शर्मा

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः मनोज शर्मा – दहेज मुक्त मिथिलाक दरभंगा संयोजक, एक अद्भुत समर्पित युवा समाजसेवी – प्रवीण नारायण चौधरी अभियानी हुअय त एहेन!   बात २०१७ ईस्वीक थिकैक। दहेज मुक्त मिथिला अभियान सँ प्रेरित भेनिहार मे २ टा मिथिलाक बेटा शामिल भेलाह। एकटा पूणे सँ, एकटा मद्रास सँ। दुनू वीर सपूत छथि अपन धरतीक। अद्भुत आ समर्पित युवा समाजसेवी मनोज शर्मा

टूटैत परिवार केँ बचेलक दहेज मुक्त मिथिला अभियान

३० अगस्त २०१९। मैथिली जिन्दाबाद!! दहेज मुक्त मिथिला केर कुशेश्वरस्थान इकाई केर अगुवाई मे आइ बाबा कुशेश्वरनाथ मन्दिर प्रांगन मे आयोजित एक सामाजिक बुझारत केर माध्यम सँ दुइ टूटैत जोड़ी केँ एक करायल गेल अछि। पैछला कतेको मास सँ ढांगा ग्राम केर प्रभाष शर्माक सुपुत्री नीतू देवी केँ हुनक पति ग्राम चौकिया (ईटहर) निवासी रामउदगार टूटैत परिवार केँ बचेलक दहेज मुक्त मिथिला अभियान

२६म् वर्ष मे प्रवेश पर मैथिल समाज द्वारा दहिसर मुम्बई मे कि सब विशेष भेल कृष्णाष्टमी पर

दीपक कुमार खाँ ‘मैथिल’, मुम्बई। ३० अगस्त २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! दहिसर – मुंबई मे मैथिल समाज द्वारा धूमधाम स मनाओल गेल श्री कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव!! मुंबई केर उपनगर दहिसर में रहि रहल मैथिल समाज द्वारा श्री कृष्ण जन्मोत्सव बहुत धूमधाम स मनाओल गेल। एहि परम्पराक शुरुआत सन् 1993 में श्री अर्जुन झा एवं अन्य सहयोगी २६म् वर्ष मे प्रवेश पर मैथिल समाज द्वारा दहिसर मुम्बई मे कि सब विशेष भेल कृष्णाष्टमी पर