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प्रवीण नारायण चौधरी

लोभी ससुर केर एहने हाल होइत छैक – रीना अपन बदला अपनहि लय लेलीह

लघुकथा – रूबी झा सीताराम बाबू (काल्पनीक नाम) गाम में प्रतिष्ठित व्यक्ति में गिनल जाय छलैथ, जरुरी नैह छै जे व्यक्ति बाहर स देखा रहल छैथ नीक ओ अंदरो स ओतबे नीक हेता। हुनक किरदानी हमर जुबानी सुनू, बिल्कुल सत्य अछि कहानी। ओ दुनू प्राणी मिल क रीना (पुतोहु) केँ दहेज लेल बहुत प्रताड़ित करैइत लोभी ससुर केर एहने हाल होइत छैक – रीना अपन बदला अपनहि लय लेलीह

सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन लेल मायक श्राद्ध पर श्रद्धाञ्जलि सभा – मृत्यु व मृत्यु संस्कार पर विमर्श

६ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मृत्यु आ मृत्यु संस्कार   आइ विराटनगर मे मैथिली भाषाक वरिष्ठ अभियानी तथा आब समाजवादी पार्टीक वरिष्ठ बुद्धिजीवी नेता पूर्व प्राध्यापक राम रिझन यादव केर माता जगिया देवीक १३म दिनक पुण्यतिथि पर कर्मकाण्डीय श्राद्धकर्म सँ इतर एकटा श्रद्धाञ्जली सभाक माध्यम सँ श्रद्धा-शब्द रखबाक लेल ‘मृत्यु आ मृत्यु संस्कार’ विषय पर सामाजिक-सांस्कृतिक परिवर्तन लेल मायक श्राद्ध पर श्रद्धाञ्जलि सभा – मृत्यु व मृत्यु संस्कार पर विमर्श

रज्जोक भैया रमण २ वर्ष पर गाम एलैक – प्रकाश कमतीक धारावाहिक केर भाग १

कथा – प्रकाश कमती दू बहिन आ एकटा भाइमे रज्जो सभसँ छोट बच्चे सँ बड्ड मेहनतिया आ फुर्तीली छल। देखै-सुनै मे जहिना रूपवती तहिना स्वभाव सँ खूब सुशील आ सभ्य विचारके परिचायक छल रज्जो। रज्जो केँ सभसँ पैघ भाई रमण आ ओकरा सँ छोट बहिनक नाम गीता छलैक। रमण आ गीता सेहो स्वभाव सँ नीक रज्जोक भैया रमण २ वर्ष पर गाम एलैक – प्रकाश कमतीक धारावाहिक केर भाग १

एकटा सासु छलीह जसोधा

लघुकथा – रूबी झा कहैय लेल हम सब कहैय छियैय बेटी पुतोहु में कोन अंतर, लेकिन कतेक लोक आकाश-पाताल जकाँ अंतर बुझैत छैथ, बेटी और पुतोहु में।जसोधा कुनू उपाय केनाय नहि छोड़ैत छलैथ जाहि सँ पुतोहु परेशान रहैथि। पुतोहु भानस-भात बना भनसा घर स निकलै छलखिन्ह, जसोधा अपने एक थाड़ी परैसिकय खा लेथि आर फेर दालि-तरकारी एकटा सासु छलीह जसोधा

वरिष्ठ मैथिली अभियानी राम रिझन यादवक माताजीक श्रद्धाञ्जली सभा विराटनगर मे आइ

विराटनगर, ६ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिलीक वरिष्ठ अभियानी एवं वर्तमान नेपालक प्रखर बुद्धिजीवी राजनीतिकर्मी राम रिझन यादव केर स्वर्गीय माता जगियादेवी लेल विराटनगर केर सागरमाथा पार्टी पैलेस मे एक श्रद्धाञ्जली सभाक आयोजन आइ कयल जायत। माता जगिया देवी हालहि आषाढ ८ गते यानि जून २३ तारीख मे ९० वर्षक अवस्था मे स्वर्गवासी भेल छलीह। वरिष्ठ मैथिली अभियानी राम रिझन यादवक माताजीक श्रद्धाञ्जली सभा विराटनगर मे आइ

मिथिलाक राजनीति मे ‘गिरगिट’ – गिरगिट सँ प्रार्थना

गिरगिट   “जय मिथिला भाइसाहब। अपने सब द्वारा आरम्भ कयल ई अभियान जे जनक-जानकी केर मिथिला केँ संविधान मे पुनर्स्थापना करायब, ई बहुत नीक लागल। हम चाहब जे हमरो किछु योगदान एहि मे लागि जाय।” ई कहैत दिल्लीक दिलवाली भूमि पर एक सम्भ्रान्त युवा मिथिला आन्दोलन मे प्रवेश करैत छथि। अपन पहुँच आ समर्पण केर मिथिलाक राजनीति मे ‘गिरगिट’ – गिरगिट सँ प्रार्थना

दरभंगा सहित कुल चारि मिथिलाक्षेत्रीय सांसद भेंट कयलनि केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल सँ

५ जुलाई २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक्षेत्रक ४ गोट सांसद भेंट कयलनि रेलवे मंत्री गोयल सँ जागि रहला अछि मिथिलाक्षेत्रक माननीय सांसद, निरन्तर उठा रहल छथि विकास केर मांग मोदी सरकार २ सिर्फ बात नहि बल्कि विकास केर काज करबाक लेल वचनबद्ध सरकार थिक। आर एहि बेर करारा जनादेशक संग एनडीए केर सांसद लोकनि निर्वाचित भऽ दरभंगा सहित कुल चारि मिथिलाक्षेत्रीय सांसद भेंट कयलनि केन्द्रीय मंत्री पियूष गोयल सँ

कहब जतेक आसान छैक करब ततबे कठिन

कहब आसान छैक मुदा….   ‘दहेज मुक्त मिथिला’ – कतेक सहज आ सुन्दर सुनय मे लगैत अछि… लेकिन ई आत्मा सँ स्वीकार करब बहुत कठिन छैक। तेकर कारण अनेक य। दहेज प्रथा सँ वैह युवा वा युवती अथवा गार्जियन मुक्ति पाबि सकैत अछि जेकरा पास हृदय मे एकरा सँ घृणा हो, लोभ नहि बल्कि त्यागक कहब जतेक आसान छैक करब ततबे कठिन

श्री राधारानीक चरण मे अर्पित अत्यन्त सारगर्भित स्तोत्र “राधाष्टकम्”

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मानव सभ्यता मे धर्म केर महत्ता कम नहि, सही बाट देखेबाक संग आस्था आ विश्वास केर अलगे अलख जगबैत जीवन केँ सफल बनेबाक लेल सेहो एकर बड पैघ महत्व छैक, ई एकटा पैघ जरूरत थिक हरेक मनुष्य लेल। नास्तिकता मे सेहो लोक अपन विवेक केर सर्वोत्तम विन्दु पर सत्य आ श्री राधारानीक चरण मे अर्पित अत्यन्त सारगर्भित स्तोत्र “राधाष्टकम्”

बाबूजी केर दोस्त फेल नहि फैल भऽ गेल छलन्हि (खिस्सा)

कथा – डा. लीना चौधरी बाबूजी और बाबूजी के किछ दोस्त संग परममित्र बच्चुबाबू ओही साल मैट्रिक के परीक्षा देने छला। परीक्षा के बाद सब मित्र खाली छला, कोनो काज छलैन नइ आ ताही समय में ओते कैरियर के लेल लोग परेशान नइ रहइ छल। सब मित्र मिल गांव में खुब मस्ती करइ छला । बाबूजी केर दोस्त फेल नहि फैल भऽ गेल छलन्हि (खिस्सा)