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प्रवीण नारायण चौधरी

शहीद दुर्गानन्द केँ श्रद्धांजलि सुमन

साभार: रोशन जनकपुरी शहिद दुर्गानन्द । जे मृत्यु स्वीकार कयलक, अपन राजनैतिक आस्था आ प्रतिबद्धता स बैमानी नइँ कयलक । ओ राजतन्त्र विराेधी आ लोकतन्त्र समर्थक छल, तैँ जखन राजा देशपर निरङकुशता लदलक त ओ राजा पर बम प्रहार कयलक । ई गणतन्त्र एहने बहुताे दुर्गानन्दके महान शहादतके परिणाम अइछ । २०१८ साल माघ ९ शहीद दुर्गानन्द केँ श्रद्धांजलि सुमन

सर्वश्री रासविहारी दासजी : एक विषय कीर्त्तन ज्ञाता

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय – लालदेव कामत सर्वश्री रासविहारी दासजी : एक विषय कीर्त्तन ज्ञाता मधुबनी जिलाक कोशीक्षेत्रक देवनाथपट्टी गाममे कियोट कुलक बाबाजी कामत (मंडल) घर आइ सँ करीब सयसाल पुर्व एक चंखार बालकक जन्म भेल रहनि। ओ नवजात शिशु रहय रासबिहारी जी। बाल्यकाल्यमे हुनकर माय गुजैर गेलीह तँ सरौती बाली विमाता लालन-पोषण केलकनि। हिनक बाल सर्वश्री रासविहारी दासजी : एक विषय कीर्त्तन ज्ञाता

मिथिला लेल राजनीति करबाक आधारपत्र

मिथिला लेल राजनीति के मुख्यमार्ग कि हेबाक चाही? – प्रवीण नारायण चौधरी एहि विषय पर लिखू सब सामर्थ्यवान लेखक। हमर विनम्र आग्रह अछि जे आब मिथिला लेल राजनीतिक स्तर पर युद्ध लड़बाक बेर भ’ गेल अछि, एहि समय जँ हम सब चुप रहि जाइत छी, अपन अपन सोच आ विचार अनुसार मिथिला लेल आगू नहि मिथिला लेल राजनीति करबाक आधारपत्र

विवाह सम्बन्ध निर्धारण मे देखल जाय लागल अछि समस्या – दमुमि केर एक सर्वे

२६ जनवरी २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!!चर्चित सामाजिक अभियान दहेज मुक्त मिथिला द्वारा कयल गेल एक महत्वपूर्ण सर्वे सँ ज्ञात भेल अछि जे मिथिलाक्षेत्र सँ लोकपलायनक चलते वैवाहिक सम्बन्ध निर्धारण मे काफी समस्या आबि रहल अछि। लोक सब मूल गाम-ठाम सँ विस्थापित भ’ दूरदराजक क्षेत्र मे छिटकल-फुटकल अवस्था मे बसि जेबाक कारण आब गताते कुटमैती, घर विवाह सम्बन्ध निर्धारण मे देखल जाय लागल अछि समस्या – दमुमि केर एक सर्वे

संस्कृति केर सहज व्याख्या

महावाक्य ‘संस्कृति’ केर अर्थ छैक – ‘संस्कार कयल गेल’। ई संस्कार व्यक्तिक चेतना केर होइत छैक। मोनक गुण-धर्म व्यक्तिक सहज वृत्ति सब सँ व्यक्त होइत छैक। एकटा बच्चा नंगटे रहैत छैक। माँ-बाप ओकरा कपड़ा पहिराबैत छैक। बच्चा पैखाना-पेशाब कय केँ कपड़ा गन्दा कय देल करैत छैक। माँ कपड़ा साफ करैत छैक और फेर दोसर कपड़ा संस्कृति केर सहज व्याख्या

किछु तँ लोक सब कहतय – लोकक त काज छय कहनाय

प्रेरणास्पद प्रसंग – प्रवीण नारायण चौधरी सहिये कहलनि अछि धर्मनाथ जी – लोक अहाँक बारे मे नीक सुनैत अछि त शक-सन्देहक दृष्टि सँ अहाँक चरित्र-चित्रण करब आरम्भ कय दैछ आ जँ बेजा (खराब) सुनैत अछि त तुरन्त ओहि पर यकीन (विश्वास) कय लैत अछि। ई अवस्था लोक-संसार मे अवश्य छैक। लेकिन एहि लेल अपन संसार किछु तँ लोक सब कहतय – लोकक त काज छय कहनाय

मैथिल महापुरुषक परिचयः जननायक कर्पुरी ठाकुर ओ हुनक संघर्ष

मैथिल महापुरुष कर्पुरी ठाकुर  – नारायण झा, रहुआ, मधुबनी। (कोसी सन्देश मे प्रकाशित लेख केर उतार) #जननायक_कर्पूरी_ठाकुर_ओ_हुनक_संघर्ष जननायक कर्पूरी जी कहने छथिन – “हक चाही तँ लड़नाइ सीखू, जीबाक अछि तँ मरनाइ सीखू ।” सत्य कहने छथि । संघर्ष जीवनक पाथेय थिक। बिनु संघर्षे जीवनक कोन सार्थकता छैक! जननायक अर्थात जन केर नायक, अर्थात लोक-समाजमे मैथिल महापुरुषक परिचयः जननायक कर्पुरी ठाकुर ओ हुनक संघर्ष

मिथिलावादी राजनीति मात्र भ्रम आ कुप्रचार केँ ध्वस्त कय सकत

विशेष सम्पादकीय सन्दर्भः मिथिला लेल राजनीति – विभिन्न प्रकारक भ्रम सँ ऊबारक एकमात्र अन्तिम विकल्प आदर्शक बात मिथिला मात्र कय सकैत अछि समाजवादक काज मिथिला मात्र कय सकैत अछि ओना त मैथिली भाषा केँ आभिजात्य वर्गक भाषा बनेबाक आ मिथिला केवल एकल जातिक पहचान हेबाक जेहेन अनेकों कुत्सित आ कुटिल भ्रम पसारबाक काज विगत कइएक मिथिलावादी राजनीति मात्र भ्रम आ कुप्रचार केँ ध्वस्त कय सकत

मिथिला राज्य के निर्माण एक संग कइएक समस्याक निदानः मिरानिसे महासचिव

दरभंगा, २४ जनवरी २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा १४ जनवरी २०२२ तिला संक्रान्ति उपरान्त सदस्यता मुहिम चलायल जा रहल अछि । एहि क्रम मे सेनाक महासचिव सहित विभिन्न पदाधिकारी लोकनि द्वारा सोशल मीडिया मार्फत सचेतनामूलक तथ्य सब सार्वजनिक कयल जा रहल अछि । आइ महासचिव राजेश झा लिखलनि अछि – “विजेता मिथिला राज्य के निर्माण एक संग कइएक समस्याक निदानः मिरानिसे महासचिव

जनकपुरधाम राजधानी लेल धन्यवाद संग प्रदेशक नामकरण लेल असन्तोषक ज्ञापन

जनकपुर, २४ जनवरी २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली साहित्यकार सभा द्वारा नेपालक प्रदेश २ केर नामकरण प्रति असन्तोष जतबैत राजधानी मिथिलाक प्राचीन राजधानी जनकपुर केँ स्थायी रूप सँ बनेबाक सम्बन्ध मे प्रशंसा करैत धन्यवाद ज्ञापन कयल गेल अछि। विज्ञप्ति मे कहल गेल अछि जे मिथिलानगरी जनकपुरधाम आ मिथिलावासीक लेल २०७८ विक्रम संवत सालक माघ ३ जनकपुरधाम राजधानी लेल धन्यवाद संग प्रदेशक नामकरण लेल असन्तोषक ज्ञापन