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विवाह सम्बन्ध निर्धारण मे देखल जाय लागल अछि समस्या – दमुमि केर एक सर्वे

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२६ जनवरी २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!!चर्चित सामाजिक अभियान दहेज मुक्त मिथिला द्वारा कयल गेल एक महत्वपूर्ण सर्वे सँ ज्ञात भेल अछि जे मिथिलाक्षेत्र सँ लोकपलायनक चलते वैवाहिक सम्बन्ध निर्धारण मे काफी समस्या आबि रहल अछि। लोक सब मूल गाम-ठाम सँ विस्थापित भ’ दूरदराजक क्षेत्र मे छिटकल-फुटकल अवस्था मे बसि जेबाक कारण आब गताते कुटमैती, घर कुटमैती आदिक व्यवस्था लगभग समाप्त भऽ गेल अछि। या त मैट्रीमोनी वेबसाइट केर सहारा लैत लोक कुटमैती खोजैत छथि या फेर परिचयक सदुपयोग करैत एक-दोसर संग सम्पर्क करैत एहि महत्वपूर्ण काज केँ पुरा कयल जाइत अछि। एहि सन्दर्भ २०११ मे स्थापित सामाजिक संजाल (सोशल मीडिया) मंच सँ ‘दहेज मुक्त मिथिला’ द्वारा सेहो कुटमैती निर्धारणक निदान कयल जा रहल अछि, लेकिन जाहि मात्रा मे लोक सब केँ खुलिकय परिचय साझा करबाक चाही ताहि मे एखन धरि उपलब्धिमूलक योगदान नहि होयब चिन्ताक विषय अछि। दहेज मुक्त मिथिला द्वारा आयोजित एक एहने महत्वपूर्ण सर्वेक परिणाम स्वयं सब बात स्पष्ट करैत अछिः

सर्वे १ के परिणाम

१. कुटमैती करनिहार लेल समुचित जोड़ी मिलानीक विकल्प सोझाँ आबय मे बहुत पैघ समस्या भऽ रहल अछि। हँ या नहि या किछु आर बात?

परिणामः कुल १० मे सँ ९ मत एहि बात सँ सहमत छथि जे कुटमैती लेल समुचित जोड़ी मिलानीक समस्या अछि। हम सब एहि लेल साकांक्ष होइ। समय पर सब काज करबाक क्षमता केना विकसित करब से सावधानीपूर्वक अपना आ अपन मिथिला समाज लेल करय जाउ। ई हाई अलर्ट थिकैक। कोनो सभ्यताक समाप्तिक लक्षण मे एकटा खतरनाक सूचक ईहो थिकैक। पलायन रोगक दंश केर दुष्परिणाम कहल जाइछ एकरा। यैह कारण छैक संसारक एक उच्च सुसंस्कृत समुदाय ‘मैथिल ब्राह्मण सहित अन्यान्य समुदाय’ मे वैवाहिक पद्धति केर निर्धारण मिथिला राजा हरिसिंह देव केर समय मे कयल गेल छलैक। एहि काल सँ पंजी प्रथा (वैवाहिक सम्बन्ध केँ उचित ढंग सँ लेख्य रूप मे पंजीबद्ध करबाक प्रक्रिया) आरम्भ भेल छलैक। आइयो धरि मैथिल ब्राह्मण, कायस्थ, देव आदि गोटेक समुदाय द्वारा एहि प्रथाक महत्व बुझैत उचित ढंग सँ वैवाहिक रेकर्ड सुरक्षित राखि विवाह लेल निर्धारित प्रक्रिया ‘अधिकार निर्णय’ संग ‘सिद्धान्त लेखन’ सहितक काज करैत पंजीकार, दुतीकार लोकनिक सहारे विवाह सम्बन्ध तय कयल जाइछ। लेकिन बहुल्य लोक एहि सब झंझटि सँ अपना केँ मुक्त राखि जेना-तेना पार उतरय मे विश्वास करैत छथि। एहि तरहें अराजक व्यवस्थाक प्रवेश भेल जा रहलैक अछि आ ई नीक संकेत नहि मानल जा सकैत अछि। एहि दिश ‘दहेज मुक्त मिथिला’ बेर-बेर लोक सभक ध्यानाकर्षण करैत अछि, सौराठ जेहेन वैवाहिक सभाक आयोजनक जोरदार समर्थन करैत मैथिलजन सब सँ एकजुटताक अपील करैत अछि।

२. दहेज मुक्त मिथिला सँ वैवाहिक जोड़ी मिलानी मे सहयोग भेटि रहल अछि। हँ या नहि या किछु आर बात?

परिणामः कुल १० मे सँ ७ मत एहि लेल सहमत भेलथि अछि जे सहयोग लेल ई मंच उपयुक्त काज कय रहल अछि। परञ्च तीन मत अपन फरक अनुभव आ विचार मे एकर सफलता-उपयोगिता केँ आंशिक मात्र मानलनि अछि। एहि लेल ओ सब अपन राय ईहो देलनि जे लोक सब अपन परिचय पोस्ट कयलाक बाद फेर ओकर परिणाम के बारे समूह केँ जानकारी नहि दैत छथि, एहि सँ उचित उत्साहजनक अवस्था नहि बनि पबैत अछि। सदस्य लोकनि ध्यान देथि, बेसी सऽ बेसी परिचय साझा करथि आ कुटमैती सँ जुड़ल आरो बात-विचार करय जाथि। आग्रह।

३. दहेज मुक्त मिथिला पर एखनहुँ लोक सब वैवाहिक परिचय साझा करय मे लाज या लेहाज कय रहल छथि। हँ या नहि या किछु आर बात?

परिणामः एहि प्रश्नक उत्तर मे कुल १० मे सँ १० गोटे सहमत भेलथि अछि जे लोक सब परिचय साझा करय सँ लजाइत छथि।

बन्धुगण, हम सब जाहि अभियान मे छी ताहि लेल त हिम्मत करहे पड़त। किन्तु-परन्तु पर बहुत बेसी विचार कएने बिना किछु रिस्क उठबितो खुलिकय सोझाँ आबय जाउ।

हरिः हरः!!

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