मिथिलाक स्थापना – संरक्षण – संवर्धन सदा सदा सँ सामूहिकताक संग भेल अछि
सामूहिकता के लाभ मानव सभ्यताक विकास मे सामूहिकता पर कियो लेखकक लेखनी द्वारा लाभ के चर्चा करब आजुक आवश्यकता किन्नहु नहि, तथापि समाज मे सब तरहक लोक होइछ आ बेर-बेर के चर्चा सँ कतेको लोकक हनुमानशक्ति (जे सुसुप्तावस्था मे रहैछ) जागि सकैत अछि। सन्दर्भ लेब ‘दहेज मुक्त मिथिला’ केर। एकर परिकल्पना जहिया आरम्भ … मिथिलाक स्थापना – संरक्षण – संवर्धन सदा सदा सँ सामूहिकताक संग भेल अछि








