मैथिली सुन्दरकाण्डः मंदोदरी-रावण संवाद
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दरकाण्डक मैथिली अनुवाद मंदोदरी-रावण संवाद चौपाई : ओम्हर निशाचर रहय सशंका। जहिया सँ जरा गेला कपि लंका॥ निज निज गृह सब करय विचारा। नहि निशिचर कुल केर उबारा।१॥ भावार्थ:- ओम्हर (लंका मे) जहिया सँ हनुमान्जी लंका केँ जराकय गेलाह, तहिया सँ राक्षस सब भयभीत रहय लागल। अपना-अपना घर … मैथिली सुन्दरकाण्डः मंदोदरी-रावण संवाद








