मैथिली सुन्दरकाण्डः लंका वर्णन, लंकिनी वध, लंका मे प्रवेश
मैथिली सुन्दरकाण्डः श्री तुलसीदासजी रचित श्रीरामचरितमानस केर सुन्दकाण्डक मैथिली अनुवाद लंका वर्णन, लंकिनी वध, लंका मे प्रवेश नाना वृक्ष फल फूल सोहाए। खग मृग बृंद देखि मन भाए॥ सैल विशाल देखि एक आगू। ओहिपर दौड़ि चढल भय त्यागू॥४॥ भावार्थ : अनेकों प्रकारक वृक्ष फल-फूल सँ शोभित अछि। पक्षी आर पशु सभक समूह केँ देखिकय ओ मनहिमन … मैथिली सुन्दरकाण्डः लंका वर्णन, लंकिनी वध, लंका मे प्रवेश








