मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड आठम अध्याय – जटायुक मृत्यु
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड आठम अध्याय जटायुक मृत्यु ।रूपमाला। कपट-मृग मारीच मारल, घुरल घर रघुराय ॥१॥ देखल अबइत दूरसौँ, मन-विकल लक्ष्मण भाय ॥२॥ कयल लीला सकल अपनहिँ, करथि अपनहिँ शोच ॥३॥ ई मनुष्य-चरित्र विस्तृत, करथि लोकक रोच ॥४॥ त्यागि कैँ प्राणेशि अयलहुँ, वत्स कहु की काज ॥५॥ दुष्ट खयलक जानकी … मिथिलाभाषा रामायण – अरण्यकाण्ड आठम अध्याय – जटायुक मृत्यु





