रामचरितमानस मोतीः सुमंत्रक अयोध्या वापसी आ जहिं-तहिं शोक के नजारा
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती सुमंत्रक अयोध्या वापसी आ सर्वत्र शोक देखब १. मंत्री आर घोड़ाक ओहेन दशा देखि निषादराज विषादक वश भ’ गेलाह। तखन ओ अपन चारि उत्तम सेवक केँ बजाकय सारथीक संग कय देलनि। निषादराज गुह सारथी (सुमंत्रजी) केँ विदा कयकेँ घुरि गेलाह। हुनक विरह आर दुःख केर वर्णन नहि कयल … रामचरितमानस मोतीः सुमंत्रक अयोध्या वापसी आ जहिं-तहिं शोक के नजारा




