भीड़ कतेक जुटल – देखाबा के राजनीति
भीड़ जुटाउ राजनीति चमकाउ एहि मे कतहु दुइ मत नहि जे शिक्षा आ संस्कार केर बल पर स्वाभिमानी छी हम समस्त मिथिलावासी अर्थात् मैथिल। परन्तु ‘अहंता’ केर कारण ‘उच्चताबोधी ग्रन्थि’ तथा ‘लघुताबोधी ग्रन्थि’ केर अति सक्रिय होयबाक कारण हम सब अपन मूल्य-मान्यता आ अस्तित्व प्रति साकांक्ष कम, अपने-अपने बुद्धिक लड़ाई मे बेसी मुग्ध भेल … भीड़ कतेक जुटल – देखाबा के राजनीति









