रामचरितमानस मोतीः मेघनादक युद्ध, रामजीक लीला सँ नागपाश मे बन्हेनाय
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती मेघनादक युद्ध, रामजीक लीला सँ नागपाश मे बन्हेनाय १. मेघनाद पूर्वोक्त मायामय रथ पर चढ़िकय आकाश मे चलि गेल आ अट्टहास करैत तेना गरजल जे बानरक सेना मे भय पसरि गेलैक। ओ शक्ति, शूल, तलबार, कृपाण आदि अस्त्र, शस्त्र व वज्र आदि बहुतो तरहक आयुध चलाबैछ तथा फरसा, परिघ, … रामचरितमानस मोतीः मेघनादक युद्ध, रामजीक लीला सँ नागपाश मे बन्हेनाय



