मैथिली कविता – एक दिन
कविता – ममता झा एक दिन एक दिन सब के जिन्दगी शेष भ जैत ई बात सब कियो जनई या, लेकिन अंतिम दिन तक स्वीकार बहुत लोग नई करै या कियाक त जीबऽ के अभिलाषा बेसी छै। किछु लोग जे जीवन स हैर गेल अपने आप के लाचार बुझइत अइ, हुनका लेल ई दू पंक्ति, … मैथिली कविता – एक दिन







