अहुँ सभक गाम-ठाम मे एहिना होइत अछि की ?
छगुनता ई पोस्ट लिखैत दुःख सेहो होइत अछि, लाजो लगैत अछि आ चुप रहला सँ दोषक भाव सेहो अबैत अछि । दुःख आ लाज केँ पचाकय दोष नहि लागय तेँ लिखि रहल छी । हमर मिथिला समाजक बहुत पैघ आबादी मे ‘धी-बेटी’ सब केँ देखैत छी ‘डीजे गाड़ी’ के पाछू ठाढ़ भ’ अपन भाइ-बहिनक विवाह … अहुँ सभक गाम-ठाम मे एहिना होइत अछि की ?







