अप्रैल ४, २०२५ । मैथिली जिन्दाबाद!!
ललितपुर, २० वैशाख २०८१ ।
‘सीता जन्ती’क अवसरमे मैथिली ‘अर्चनाकृत रामायण’क लेखिका एवं पत्रकार अर्चना झाकेँ मन्त्रीद्वारा ‘सीता’ उपाधि सहित सम्मान कयल गेलनि अछि ।
मिथिला संस्कृति समाजद्वारा एहि वर्ष मैथिली ‘अर्चनाकृत रामायण’ केर लेखिका साहित्यकार एवं राष्ट्रिय समाचार समितिक पत्रकार अर्चना झा तथा काठमांडू जिल्ला अदालतकेर न्यायाधीश मोना सिंहकेँ प्रमुख अतिथि माननीय संस्कृति, पर्यटन तथा नागरिक उडयन मन्त्री बद्रीप्रसाद पाण्डेद्वारा सम्मानित कयल जेबाक बात मिथिला संस्कृति समाजक अध्यक्ष वीरेन्द्र ठाकुर जानकारी देलनि ।
मिथिला संस्कृति समाज, नेपालक आयोजनामे ‘सीता प्राकट्य दिवस समारोह २०८२’ मे सम्बोधन करैत प्रमुख अतिथि पाण्डे कहलनि जे इतिहासमे सीता माताकेँ आदर्श नारीक रूपमे चित्रित कयल गेल छन्हि, एहि लेल जन-जनमे आदरभाव अछि । ओ कहलनि, “सीताप्रति हमरा सभक आदरभाव तखनहिं सार्थक होयत जखन हम सब मिथिलाक संस्कृति आ महिमा सबकेँ पुनः जागरण करब ।” मिथिला आ बौद्ध संस्कृतिकेँ जोड़बाक लेल सीता–सिद्धार्थ खण्डक रूपमे हुलाकी मार्गक सम्बन्धित खण्डकेर विकास लेल आगामी आर्थिक वर्षक बजटमे व्यवस्था करबाक बात सेहो जानकारी देलनि ।
मिथिला संस्कृति समाज नेपालक कार्यक्रम संयोजक अमितकुमार दास हरेक वर्ष एहि अवसरमे ‘सीता माता’क महिमासम्बन्धी चर्चा परिचर्चा, विचार–मन्थन, संस्थाप्रति योगदान देनिहारकेँ सम्मान तथा स्रष्टा सम्मान कार्यक्रम कयल जेबाक बात बतेलनि ।
