रामचरितमानस मोतीः सुनयना-जनक संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती जनक-सुनयना संवाद, भरतजी की महिमा १. राजा-रानी सीताजी सँ बेर-बेर भेटि आ हृदय सँ लगा सम्मान करैत विदाह कयलनि। चतुर रानी समय पाबि राजा सँ सुन्दर वाणी मे भरतजीक दशाक वर्णन कयलीह। सोना मे सुगन्ध आर समुद्र सँ निकलल सुधा मे चन्द्रमाक सारतत्त्व अमृत समान भरतजीक व्यवहार सुनिकय … रामचरितमानस मोतीः सुनयना-जनक संवाद




