विद्यापतिक स्मृति भगवान् समान हर क्षण – हर पल
आजुक समय मे विद्यापतिक प्रासंगिकता – प्रवीण नारायण चौधरी विद्यापति – ऐतिहासिक महापुरुष – महाकवि – कविकोकिल – जनकवि – संस्कृत सँ अवहट्ट (मैथिलीक प्राकृतिक रूप) मे रचना करैत आम जनमानसक आवाज बनि गेलाह। विद्यापतिक रचना बाट चलनिहार द्वारा सेहो गायल जाय लागल, पुरुष नचारी तऽ महिलावर्ग बटगवनी बनिकय विद्यापतिक रचना सबकेँ अमर बनौलनि। श्रृंगार … विद्यापतिक स्मृति भगवान् समान हर क्षण – हर पल









