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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिला मे उद्योग व्यवसायक शिथिलता पर अपन युवा विचार – सुधीर मिश्र

वर्तमान मिथिला मे औद्योगिक वातावरण शिथिल कियैक अछि, आउ पढी सुधीर मिश्र केर विचारः मिथिलांचल सब दिन स साहित्य क गढ़ रहल हैं, मधुबनी पेंटिग विश्व भरि में फेमस अछि, पान, मखान आ माछ उत्पादक होय के बाबजूद व्यपार किया न बढ़ि रहल य किछ कारण।   १) शिक्षा क्षेत्र – जे सब निक छात्र मिथिला मे उद्योग व्यवसायक शिथिलता पर अपन युवा विचार – सुधीर मिश्र

मिथिला मे औद्योगिक विकास आ रोजगारक अवसरः सरकारक नीति आ यथार्थता

मिथिला अर्थतंत्रः औद्योगिक विकास पर वैचारिक मंथन सुनल जाइत अछि जे मिथिलादेश कहियो बड सम्पन्न आ आत्मनिर्भर छल। सीता समान ब्रह्माण्डनायिकाक ऋद्धि-सिद्धिक बाद मुगल-ब्रिटीशकालहु मे एकर सम्पन्नता आइ सँ नीक कहल जाइत अछि। भले वर्गीय विभेद आ भौतिक विपन्नता आइ सँ बेसी देखाइत छल पहिने, मुदा रेल, हवाईजहाज, , सड़क संचार, औद्योगिक पूर्वाधार आदि मे मिथिला मे औद्योगिक विकास आ रोजगारक अवसरः सरकारक नीति आ यथार्थता

मिथिलाक एक जानल-मानल स्रष्टा ‘सुनील कुमार मल्लिक’ केर जन्मदिन पर ‘प्रवीण शुभकामना’

मिथिलाक लोककला मे गायन ओ रंगकर्म केँ शिखर पर पहुँचेनिहार व्यक्तित्व – सुनील कुमार मल्लिक   आइ २६ सितम्बर, २०१८ – भाइजीक जन्मदिन पर हृदय सँ शुभकामना व्यक्त करैत किछु संस्मरण आम जनमानस सँ साझा कय रहल छी। वर्ष २०६७ वि. सं. यानि २०१० ई. मे पहिल भेंट भेल छलाह आदरणीय स्रष्टा श्री सुनिल कुमार मिथिलाक एक जानल-मानल स्रष्टा ‘सुनील कुमार मल्लिक’ केर जन्मदिन पर ‘प्रवीण शुभकामना’

जँ अहाँ विद्यापति स्मृति पर्व समारोह वा मिथिला महोत्सव करैत छी तऽ एतेक बातक ध्यान राखू

कि सब जरूरी अछि मिथिला समारोह मे आइ लोकपलायनक पीड़ा सँ आहत मैथिल समुदाय जतय-कतहु छथि, अपन संस्कृति, आस्था, परम्परा, व्यवहार, समाजिकता, आदि केँ बचेबाक लेल कोनो-न-कोनो सामूहिक उत्सव मनेबाक काज करय लगला अछि। हमहुँ सब जाहि ठाम रहि रहल छी ओतय अपन समाज, अपन भाषाभाषी आ समान विचारधाराक लोक संग एकटा सार्थक-सकारात्मक वातावरण लेल जँ अहाँ विद्यापति स्मृति पर्व समारोह वा मिथिला महोत्सव करैत छी तऽ एतेक बातक ध्यान राखू

दान-पुण्य तथा भगवती वन्दना

स्वाध्याय दान-पुण्य (श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ वीतराग स्वामी श्रीदयानन्दगिरीजी महराज केर विचार) हमरा संसारक रस्ते तऽ चलबाक नहि अछि, हमरा तऽ धर्मक रस्ते चलबाक अछि, तखन एहेन रीति सँ जँ अहाँ अपन ‘हम’ केर त्यागि देब तऽ ई महादान भऽ गेल। अहाँक अन्दर जतेक मात्रा मे एहि त्याग केर बल आओत, ओतबहि मात्रा मे अहाँक बाहरी जीवन दान-पुण्य तथा भगवती वन्दना

मैथिली मे मनोरंजनक विकल्प बढेबाक आवश्यकता, धार्मिक-सांस्कृतिक झाँकीक प्रयोग आरम्भ

मधुबनी, २५ सितम्बर, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! अश्लीलता-फूहड़ता सँ मिथिला समाज केँ बचेबाक लेल मैथिली मे विकल्प चाही – उद्घोषक प्रवीण सोनू जतय एक दिश सामाजिक संजाल सँ धरातलीय विभिन्न अभियान मार्फत मिथिला समाज आ बाजार सँ अश्लील-फूहड़ भोजपुरी, हिन्दी, मैथिली गीत सभक विरोध निरन्तरता मे अछि ताहि ठाम गीतकार-कलाकार लोकनि सेहो विकल्प बढेबाक दिशा मे मैथिली मे मनोरंजनक विकल्प बढेबाक आवश्यकता, धार्मिक-सांस्कृतिक झाँकीक प्रयोग आरम्भ

मिथिलाक सनातन सम्पदा मे पड़ैत छथि कला-साहित्य-संस्कार सँ सम्पन्न

विजय कुमार इस्सरजीक जन्मदिन पर ‘प्रवीण’ शुभकामना एक ‘सिम्पल लिविंग – हायर थिंकिंग’ – सादा जीवन, उच्च विचार केर असाधारण क्षमतावान् – कलासम्पन्न आ विचारवान् व्यक्तित्वक नाम अछि “विजय कुमार इस्स” – हिनक जन्मदिन पर प्रवीणक विशेष शुभकामना तथा जन्मदिनक उपहार स्वरूप ई लेख राखि रहल छी। सामाजिक संजाल फेसबुक पर अपन परिचय दैत विजयजी मिथिलाक सनातन सम्पदा मे पड़ैत छथि कला-साहित्य-संस्कार सँ सम्पन्न

एक दिश अश्लीलता हँटेबाक मांग आ दोसर दिश लोक-समाजक अपन अलगे जिद्द

अश्लीलता मुक्त मिथिला   आइ भोरे उठलहुँ तऽ Avinash Jha Nunu – अविनाश भाइ एकटा फोटो मे टैग कएने रहथि। ओ फोटो एक बेर एतय राखि रहल छी।   ४-दिवसीय यात्राक अभियान लेल सोचल गेल छल, स्थिति दोसरे देखलहुँ। स्थिति ई कहैत अछि जे ‘फेसबुक’ पर ई सब लिखि-सोचि लेलहुँ त सामाजिक दायित्व पूरा भऽ एक दिश अश्लीलता हँटेबाक मांग आ दोसर दिश लोक-समाजक अपन अलगे जिद्द

दुर्गा पूजाक सुअवसर पर लांचिंग होयत ‘मिथिलानी विशेष टीशर्ट’ – मोदीश ब्ल्यू सीईओ झा

दिल्ली, २४ सितम्बर, २०१८. मैथिली जिन्दाबाद!! हालहि प्रकाशित ‘मिथिला स्लोगन विशेष’ टी-शर्ट केर बाद आब किछुए दिन मे मोदीश ब्ल्यू द्वारा मिथिलानी सभक लेल विशेष ‘स्लोगन’ सहितक ‘टी-शर्ट’ केर लांचिंग कयल जेबाक समाचार भेटल अछि। मैथिल उपभोक्ता मे मोदीश ब्ल्यू केर टी-शर्ट प्रति बढैत रुझान तथा महिला समाज द्वारा हुनका सभक वास्ते सेहो किछु विशेष दुर्गा पूजाक सुअवसर पर लांचिंग होयत ‘मिथिलानी विशेष टीशर्ट’ – मोदीश ब्ल्यू सीईओ झा

अश्लीलताक प्रचलन चरम पर रहल युग मे विशुद्ध मैथिली सांस्कृतिक कार्यक्रम करयवला एक गाम

परिचय – गामक विशिष्टता आ सांस्कृतिक अवधारणा मे मैथिली-मिथिलाक महत्ता केर सुन्दर गाम – सहुरिया रिपोर्टः दिव्यांशु एवं दीनानन्द एक तरफ जखन अश्लीलता-फूहड़ता गाम-गाम मे प्रचारित-प्रसारित भेल अछि, ताहि ठाम एकटा आदर्श गामक रूप उभरल अछि आर ओकर नाम थिक सहुरिया। मधुबनी जिलान्तर्गत सहुरिया मिथिलांचल केर ओइ गाम मे अबैत अछि जतय मिथिला और मैथिली अश्लीलताक प्रचलन चरम पर रहल युग मे विशुद्ध मैथिली सांस्कृतिक कार्यक्रम करयवला एक गाम