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प्रवीण नारायण चौधरी

मिसू नेपाल केर वर्षगाँठ पर समारोह आइये

लहान, सितम्बर १०, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला आ मैथिलीक लेल समर्पित मिथिला स्टूडेन्ट युनियन नेपाल अपन स्थापनाकालक एक वर्ष पूरा कय दोसर वर्षमे प्रवेश करय लागल अछि। एहि अवसरपर वार्षिक वर्षगाँठ आ साधारण सभाक आयोजन आप लहान मे होमय जा रहल अछि। एहि समारोह मे वर्षगाँठक कार्यक्रम, साहित्यिक गोष्ठी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नयाँ कार्यसमिति चयन कैल मिसू नेपाल केर वर्षगाँठ पर समारोह आइये

राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म मिथिला मखानः रिलीज ऐगला मास

साक्षात्कारः नितीन चन्द्रा – निर्देशक, मिथिला मखान मैथिली भाषाक बहुचर्चित आ राष्ट्रीय सम्मान सँ सम्मानित फिल्म ‘मिथिला मखान’ ऐगला मास मे रिलीज करबाक योजना अछि। ई फिल्म नेपाल क्षेत्र मे सेहो रिलीज कैल जेबाक योजना अछि। मैथिली जिन्दाबाद केर संपादक संग टेलिफोनिक वार्तामे ई जानकारी निर्देशक नितीन चन्द्रा करौलनि। वर्तमान जागरुक मैथिलीभाषीक समाज देश अथवा राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त फिल्म मिथिला मखानः रिलीज ऐगला मास

मानवता केँ कलंकित करयवला हत्याकांड विराटनगर मे

अजय मिश्र मैथिल, विराटनगर। सितम्बर ८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! पैछला मंगल ६ सितम्बर विराटनगर मे एक अत्यन्त वीभत्स हत्याकांडक समाचार आयल अछि। आपसी मित्रता मे भेल खटपटी सँ शत्रुता मे परिणत मानवीय सम्बन्ध केर ई एक असाधारण घटना प्रतीत भऽ रहल अछि। हत्याक प्रकृति देखि एना लगैत अछि जे घटना पूर्ण योजनाबद्ध तरीका सँ कैल मानवता केँ कलंकित करयवला हत्याकांड विराटनगर मे

ऑडिटर साहबः मैथिली कथा

कथा – प्रवीण कुमार झा, बेलौन, दरभंगा (हालः दिल्ली सँ) ऑडिटर साहब के घर बचिया के देखय बला आयल छलैन. बचिया के देखाओल गेल… पढ़ल लिखल, सुलोचना आ दिव्य छलीह से कोनो तरहक प्रश्ने नै रहैक कटबा छंटबा के. ऑडिटर साहब केर कनियाँ मारे ख़ुशी के डाँड़ में नुआ खोंसि चिहुंक रहल छलि.. बुच्ची गै ऑडिटर साहबः मैथिली कथा

गुरु ‘अमरजी’ केँ याद करैत

संकलन शिक्षक दिवसपर साहित्यिक पुरोधा चन्द्रनाथ मिश्र ‘अमर’ केँ समर्पित – मनोज चौधरी, रुद्रपुर (हालः रायपुर, छत्तीसगढ) “शिक्षक दिवस” केर अवसर पर चरण स्पर्श आदरणिय गुरुदेव (पंडित श्री चंद्रनाथ मिश्र”अमरजी”) कें, आशीर्वादक अनुभव “पीठ पर मुक्काक थाप” संग करैत, गुरुदेव जी कें बहुत बहुत शुभकामना, सदैव स्वस्थ, मन सँ आनंदित आ अर्थ सँ परिपूर्ण रहथि गुरु ‘अमरजी’ केँ याद करैत

१०० वर्षक बाद पुनर्प्रकाशित मिथिला मोदक विमोचन प्रभात झा द्वारा

काशी, सितम्बर ८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! चिरप्रतिक्षीत मिथिला मोद मैथिली पत्रिकाक पुनर्प्रकाशन काशी सँ कैल गेल अछि। एकर विमोचन भाजपा राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रभात झा द्वारा पैछला रवि ४ सितम्बर केँ मैदागिन स्थित नागरी प्रचारिणी सभा परिसर मे कैल गेल। मैथिल समाज बनारस केर अथक प्रयास सँ मिथिला मोद समान प्रतिष्ठित मैथिली पत्रिकाक पुनर्प्रकाशन संभव हेबाक १०० वर्षक बाद पुनर्प्रकाशित मिथिला मोदक विमोचन प्रभात झा द्वारा

मणिपद्म केर स्मृति दिवस आइः के सब मोन पाड़ैत छथि

पटना, सितम्बर ७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! चेतना समिति द्वारा विद्यापति भवन मे संध्याकाल ६ बजे सँ मैथिली भाषाक महान् साहित्यकार ब्रजकिशोर वर्मा मणिपद्म केर स्मृति दिवस मनाओल जा रहल अछि। समितिक तरफ सँ रमानन्द झा रमण एहि समारोह मे जनसहभागिता लेल हकार दैत कहलैन अछि जे मणिपद्म केर लेखनी सँ मिथिलाक विभिन्न कालखंडक लोकदेवता रूप मणिपद्म केर स्मृति दिवस आइः के सब मोन पाड़ैत छथि

अहिल्या स्थान शामिल अछि राम रूट पर्यटन सर्किट मे

अहिल्यास्थान, दरभंगा। सितम्बर ७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! काल्हि ६ सितम्बर, २०१६ मंगल दिन मिथिलाक एक अत्यन्त प्रसिद्ध तीर्थस्थल अहिल्यास्थान मे मिथिलाक बेटी आ गोआ केर महामहिम राज्यपाल डा. मृदुला सिन्हा आयल छलीह। राज्य केर उपेक्षाक कारण पर्यटन दृष्टि सँ आइ धरि ई स्थान कोनो उपलब्धि हासिल नहि कय सकल अछि वनिस्पत अहिल्या समान अन्य पौराणिक महत्वक अहिल्या स्थान शामिल अछि राम रूट पर्यटन सर्किट मे

मातृभूमि-मातृभाषा लेल स्वैच्छिक सहयोगक अनुपम उदाहरण

दिल्ली, सितम्बर ७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! आजुक समय मैथिली-मिथिलाक दर्जनों अभियान धरातलपर चलि रहल अछि आर ताहि सब लेल वांछित आर्थिक सहयोग वास्ते सर्वथा उत्कृष्ट स्वैच्छिक अंशदान केँ मानल जाएत अछि। मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली द्वारा कैल जा रहल नीक कार्यक सराहना करैत नाइजेरिया सँ संजय श्रीवास्तव अपन स्वैच्छिक अंशदान पठेबाक एकटा सुन्दर अनुकरणीय उदाहरण सोझाँ आयल मातृभूमि-मातृभाषा लेल स्वैच्छिक सहयोगक अनुपम उदाहरण

जितिया पाबैन केर व्रत कथा

जितिया पावनि साभारः नेट सँ दहेज मुक्त मिथिला पर संरक्षित डोकुमेन्ट सँ जितिया पावनि के व्रत आशिन कृष्ण पक्ष अष्टमी कऽ हो‌इत अछि । व्रत केनिहारि सप्तमी दिन नहाके अरबा-अरबा‌ईन खा‌ई छथि । ई व्रत अ‌ईहव आ वीधव सभ करैत छथि । अपन-अपन सन्तानक दीर्घायुक लेल ई व्रत क‌एल जा‌ईछ । अष्टमी दिन निराहार रहिक जितिया पाबैन केर व्रत कथा