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प्रवीण नारायण चौधरी

नेपालक नया जनगणना (२०७८) आ मैथिली

नेपालक नया जनगणना (२०७८) आ मैथिली आइ मधेशी आयोग प्रमुख विजय दत्तजी एकटा महत्वपूर्ण पोस्ट अपन फेसबुक वाल पर साझा कयलनि अछि। नेपालक नव जनगणना (२०७८ वि. सं. साल) मे विभिन्न भाषाक स्थिति आ संग-संग पूर्व जनगणनाक स्थिति समग्रता मे लिखने छथि। अध्ययन-विश्लेषण मे रुचि रखनिहार लेल ई निम्नानुसार अछि – २०७८ सालक जनगणना अनुसार नेपालक नया जनगणना (२०७८) आ मैथिली

मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड – रामजीक भरतजी संग भेंट

कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – नवम अध्याय रामजीक भरतजी संग भेंट ।चौपाइ। श्रीरघुनन्दन सुन्दर चरण । महि मे अङ्कित विधिगण-शरण ॥१॥ कुलिश कमल ध्वज धूलि मे रेख । अकलुष अदुख भरत से देख ॥२॥ आज धन्य भेल हमरो भाग । प्रभु-दर्शन-उतकण्ठा लाग ॥३॥ शञ्च शञ्च प्रभु आश्रम जाय । हरष नोर सौँ भरत नहाय मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड – रामजीक भरतजी संग भेंट

आजुक प्रोफेशनलिज्म ‍- मानव हित या अहित मे

चिन्तनीय प्रश्न – प्रवीण नारायण चौधरी आजुक प्रोफेशनलिज्म ‍- मानव हित या अहित मे   आइ-काल्हि प्रोफेशन (पेशा), प्रोफेशनल (व्यवसायिक) आ प्रोफेशनलिज्म (व्यवसायिकता) शब्द सब सजग समाज मे काफी लोकप्रिय शब्द रूप मे प्रयोग भ’ रहल छैक। कियैक? कियैक तँ आजुक अर्थ युग मे अर्थक प्रधानता सँ सब कियो परिचित अछि, अर्थहि केर प्राप्ति सँ आजुक प्रोफेशनलिज्म ‍- मानव हित या अहित मे

पुनर्विवाहक अधिकार सिर्फ पुरुषहि केँ कियैक?

लेख-विचार – नमिता झा स्रोतः लेखनीक धार – दहेज मुक्त मिथिला फेसबुक समूह लेखनीक धार में आजुक विषय थीक पुरुषक पुनर्विवाह आ स्त्रीक पुनर्विवाह पर विचार 🙏 अपन समाज पुरुष प्रधान समाज अछि आ सब दिन ई रहत कियैकि एकरा पर रोक लगेनाइ कठिनाहे टा नहि बल्कि असम्भव सेहो अछि। बेटी कतबो पढ़ि-लिखि कय केहनो पुनर्विवाहक अधिकार सिर्फ पुरुषहि केँ कियैक?

हीट वेभ से हो जाएं सावधान – डा. ए. कुमार

स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरी आलेख – डा. ए. कुमार हीट वेव अत्यधिक गर्म मौसम की अवधि है जो आमतौर पर दो या उससे अधिक दिनों तक रहती है। जब तापमान किसी दिए गए क्षेत्र के सामान्य औसत से अधिक हो जाता है तो उसे हीट वेव कहते हैं। ये घटनाएं मौसम में दिन-प्रतिदिन बदलाव का एक हीट वेभ से हो जाएं सावधान – डा. ए. कुमार

मैथिली भाषाक आशुकवि बद्रीनाथ रायः संघर्षमय जीवन मे अनवरत सृजनक अद्भुत कथा

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः कवि बद्रीनाथ राय मिथिलाक्षेत्रक मधुबनी जिलाक कर्मौली गाम सँ एकटा आशुकवि देखाइत छथि हमरा – नाम छन्हि ‘बद्रीनाथ राय’। हिनका सँ परिचय हिनक सचेष्ट जिज्ञासा आ मिथिला राज्य पर लिखल एक लेख-विचार पर उठायल गोटेक प्रश्न सँ। मोन मे किछु सवाल छलन्हि, बात भेल। जतेक तक बुझा सकैत छलहुँ बुझेलहुँ, तथापि हिनकर मैथिली भाषाक आशुकवि बद्रीनाथ रायः संघर्षमय जीवन मे अनवरत सृजनक अद्भुत कथा

गीताक पाँचम अध्याय बुझबाक प्रयास

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी अध्याय ५ – कर्म संन्यास योग सांख्य-योग और कर्म-योग के भेद (ई अध्याय बहुत भारी लगैत अछि, तथापि आइ सिर्फ पाठ करी आ कोनो एक स्रोत सँ हिन्दी अनुवाद प्राप्त केँ अपन मातृभाषा मैथिली मे बुझबाक यत्न करी।) अर्जुन उवाच संन्यासं कर्मणां कृष्ण पुनर्योगं च शंससि । यच्छ्रेय एतयोरेकं तन्मे गीताक पाँचम अध्याय बुझबाक प्रयास

युवाओं में बढ़ती लिवर समस्याएं : विश्व लिवर दिवस २०२४ पर लिवर स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरी आलेख

स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरी आलेख – डा. ए. कुमार पटना, १९ अप्रैल २०२४ । भारत में युवाओं में बढ़ती लिवर की समस्याएं – स्वस्थ जिगर की चिंता : World Liver Day 2024 लिवर हमारे शरीर का एक महत्वपूर्ण अंग है जो खून फिल्टर करने के साथ ही शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता युवाओं में बढ़ती लिवर समस्याएं : विश्व लिवर दिवस २०२४ पर लिवर स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरी आलेख

उल्टा बाइन के उठल उजमाड़ि – अपनहि लोक देलक झमाड़ि

कहियो ध्यान देलियैक?   हम-अहाँ मिथिला सँ छी। मिथिला मे विद्या धन केँ सब धन मे प्रधान धन कहल गेल छैक। विद्या मे सेहो पदार्थ विज्ञान सँ बहुत उपर आत्म-अध्यात्म विद्या केँ मान्यता देल गेल छैक। पदार्थ – अर्थात् भौतिक लब्धि कर्म आधारित प्रारब्धक एकटा फल कहिकय गारन्टी कयल गेल छैक। केवल एहि लोक टा उल्टा बाइन के उठल उजमाड़ि – अपनहि लोक देलक झमाड़ि

मोक्ष दुर्लभ नहि छैक जँ एतबी बात बुझि जाय तँ – भाग ३

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी ज्ञान कर्म संन्यास योग (कर्म, अकर्म आ विकर्म केर निरुपण) – भाग ३ गीताक चारिम अध्याय केँ ‘ज्ञान कर्म संन्यास योग – कर्म, अकर्म आ विकर्म केर निरुपण’ शीर्षक मे विद्वान् लोकनि प्रस्तुत कयलनि अछि। विगत किछु समय सँ बेर-बेर एहि अध्यायक अध्ययन करैत एकरा अलग-अलग टुकड़ा मे प्रस्तुत करबाक मोक्ष दुर्लभ नहि छैक जँ एतबी बात बुझि जाय तँ – भाग ३