पराती – सुमिरन गायनक एक विलक्षण विधा जे मनुष्य जीवन केँ नित्य नव ऊर्जा दैछ
लोकपरंपरा-जीवनशैली – प्रवीण नारायण चौधरी हमर हमउमेर कतेको लोक गायनक एहि विशिष्ट विधा सँ सुपरिचित होयब – भोरे-सकाले (अन्हरभोरे – प्रातःकाल) ब्रह्ममुहूर्त मे नींद टूटब आ जगलाक बादो किछु काल बिछाउने पर बैसल-बैसल ईश्वरक विशेष नामजप तथा भजन-सुमिरन गेबाक एकटा अनुपम जीवनशैली मिथिला मे भेटैत छल। खासकय गामक जीवन मे बुढ-पुरान लोक एहि तरहें जियैत … पराती – सुमिरन गायनक एक विलक्षण विधा जे मनुष्य जीवन केँ नित्य नव ऊर्जा दैछ








