Search

प्रवीण नारायण चौधरी

‘छौड़ा’ शब्दक अपमान सँ मधेस आक्रोशित, नस्लीय सोच विरुद्ध बहिष्कार अभियान तेज

अर्चना झा, ललितपुर ८ पुष, २०८२ । मैथिली जिन्दाबाद !! नेकपा एमालेक नेता महेश बस्नेत द्वारा काठमाण्डू महानगरपालिकाक पुर्व मेयर आ राष्ट्रिय स्वतन्त्र पार्टीके वरिष्ठ नेता बालेन शाहक कथन पर व्यङ्ग्य करैत ‘कुकुरक छाउरा’ कहल टिप्पणी कएलाक बाद मधेस भरि तीव्र विरोध शुरू भ’ गेल अछि। एहि कथन केँ मैथिली भाषा, संस्कृति आ मधेसी पहिचान ‘छौड़ा’ शब्दक अपमान सँ मधेस आक्रोशित, नस्लीय सोच विरुद्ध बहिष्कार अभियान तेज

दिल्ली मे मैथिली साहित्यक अनुपम डेग – ८२म साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन सम्पन्न भेल

समाचार साभार – रामबाबू सिंह, मैथिली कवि व लेखक काल्हि १८ जनवरी २०२६ दिल्ली मे ८२म साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन सम्पन्न भेल । सामान्यतया ई आयोजन खुल्ला आकाश तर सेन्ट्रल पार्क या अन्यत्र होइत आबि रहल छल, परञ्च २६ जनवरी गणतंत्र दिवसक तैयारी भ’ रहल स्थिति मे खुल्ला आकाश तर कोनो कार्यक्रम करबाक मनाक चलते ई दिल्ली मे मैथिली साहित्यक अनुपम डेग – ८२म साहित्यिक चौपाड़िक आयोजन सम्पन्न भेल

भगवान् लक्ष्मीनारायणक ध्यान स्तोत्र

वैकुण्ठाधिपति भगवान् श्री लक्ष्मीनारायणक ध्यान ध्यायाम्यप्राकृतौ सच्चिदानन्दमयविग्रहौ । लक्ष्मीनारायणौ दिव्यवैकुण्ठपुरवासिनौ ॥ नीलो नारायणो देवः पीताम्बरचतुर्भुजः । शंखचक्रगदापद्मवनमालाविभूषितः ॥ सुगन्धिः सरसः कान्तो माधुरीरसनिर्झरः । दयायाः सागरोऽनन्तः स एव परमा रमा ॥ लक्ष्मीर्हिरण्यवर्णा कनकाम्बरधारिणी । कञ्जद्वयवराऽभीतिवैजयन्तीविभूषिता ॥ पदपद्मप्रकाशेन ध्यायतां ध्वान्तनाशिनी । उदारा वत्सला देवी श्रीः पद्मा कमलेन्दिरा ॥ दिव्य वैकुण्ठ मे निवास करनिहार, अलौकिक सच्चिदानन्द विग्रहवला (भगवान्) भगवान् लक्ष्मीनारायणक ध्यान स्तोत्र

आधुनिक तकनीकी दुनिया मे मैथिलीक प्रसिद्ध साहित्यकार लोकनिक खोजक सन्दर्भ

मैथिली भाषा-साहित्यक पुरोधागण – लेकिन नव पीढ़ी मे परिचय नगण्य आइ एकटा विशेष कार्यक्रमक चर्चा करय चाहब । जाहि कार्यक्रम सँ अत्यधिक प्रेरणा प्राप्त करबाक अवसर हमरहु भेटल छल । ई कार्यक्रम गूगल मीट पर आदरणीय स्रष्टा रविन्द्र नारायण मिश्रक अगुवाई मे आयोजित भेल छल । अवसर छल डा. इन्द्रकान्त झा – मैथिलीक वरिष्ठ कवि आधुनिक तकनीकी दुनिया मे मैथिलीक प्रसिद्ध साहित्यकार लोकनिक खोजक सन्दर्भ

मैथिली भाषाक कवि-गीतकार-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ लेल शब्द-श्रद्धाञ्जलि सन्देशः मैथिली एसोसिएशन नेपाल

श्रद्धाञ्जलि सन्देश राम नारायण दास उर्फ रा. ना. सुधाकर (जन्मदिनः २००१-१२-०६ पुण्यतिथिः २०८२-०९-२३ विक्रम संवत साल) हे मैथिली कविश्रेष्ठ-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ जी, सर्वप्रथम अपनेक रचित अमर ‘काव्य’ केर किछु विशेष भाष गबैत छी । मोन पाड़ैत छी एक पूर्ण निरपेक्ष ‘कवि’ केँ जे सब दिने सर्वतंत्र-स्वतंत्र मानल जाइत छथि । जिनका परमात्मा सेहो कोनो मैथिली भाषाक कवि-गीतकार-कथाकार ‘रा. ना. सुधाकर’ लेल शब्द-श्रद्धाञ्जलि सन्देशः मैथिली एसोसिएशन नेपाल

जनकपुर – विराटनगर मे रंगारंग नहि विमर्श प्रधान मैथिली कार्यक्रम होइछ

विचार – प्रवीण नारायण चौधरी जनकपुर मे ५, ६, ७ आ ८ गते फागुन २०८२ साल – ४ दिन धरि मैथिली भाषा-साहित्य, कला, रंगकर्म, सिनेकर्म, पुस्तक मेला, चित्रकला प्रदर्शनी, विद्वत् सम्मेलन आ सब सँ बेसी आकर्षक विन्दु होयत “अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव” जाहि मे नेपाल, भारत आ अन्य मुलुक केर नाट्य समूह सब भाग लेता । जनकपुर – विराटनगर मे रंगारंग नहि विमर्श प्रधान मैथिली कार्यक्रम होइछ

जनकपुर साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव २०८२ – फागुन ५ सँ ८ गते जनकपुरधाम मे

जनकपुरधाम साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव २०८२ फागुन ५ सँ ८ गते २०८२ साल – कुल चारि दिनक भाषा-साहित्य, संस्कृति, अर्थ, कला, पर्यावरण संग मिथिलाक अद्भुत रंग-परम्पराक अन्तर्राष्ट्रीय महोत्सव केर घोषणा कयल गेल अछि । विदित हो जे पराम्बा जानकी “मैथिली” केर अंगना मे प्रत्येक दुइ वर्ष पर एहेन महाकुम्भक आयोजना कयल जाइछ । जनकपुर साहित्य, कला तथा अन्तर्राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव २०८२ – फागुन ५ सँ ८ गते जनकपुरधाम मे

वेद – समग्र परिचयः कांचीपीठ शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती द्वारा लिखल पुस्तक मैथिली मे अनुवाद

वेद मूल पुस्तक – द वेदाज, मूल लेखकः चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती, मूल प्रकाशकः भारतीय विद्या भवन मुम्बई, भारत  मैथिली आ हिन्दी अनुवादः प्रवीण नारायण चौधरी, विराटनगर, नेपाल । सम्पर्क ईमेलः [email protected] Whatsapp: +9779801722981 वेदः एक परिचय वेद केर कोनो आरम्भ नहि अछि । ई सामान्य ज्ञान (कॉमनसेंस) केर विरूद्ध बात भ’ सकैत छैक । हमरा लोकनिक वेद – समग्र परिचयः कांचीपीठ शंकराचार्य चन्द्रशेखरेन्द्र सरस्वती द्वारा लिखल पुस्तक मैथिली मे अनुवाद

वेदक उपांगः धर्म शास्त्र – पौराणिक लक्ष्य केँ प्राप्त करबाक मार्ग

वेदक उपांगः धर्म शास्त्र – पौराणिक लक्ष्य केँ प्राप्त करबाक मार्ग एहेन देखल गेल अछि जे पुराणक पात्र सब हमरा सभक आदर्श आ रास्ता देखबयवला होइत छथि । हुनकर कथा-कहानी सब पढ़िकय, हम सब हुनका लोकनिक नीक गुण सब केँ अपनाबय लेल बाध्य भ’ जाइत छी । हालांकि एहेन इच्छा उत्पन्न होइत अछि, मुदा हर हाल वेदक उपांगः धर्म शास्त्र – पौराणिक लक्ष्य केँ प्राप्त करबाक मार्ग

वेदक उपांग – पुराणः वेद केर आवर्धक काँच (मैग्नीफाइंग ग्लास)

वेदक उपांग “पुराण” – वेदक आवर्धक काँच (मैग्नीफाइंग ग्लास) पुराण केँ वेदक ‘आवर्धक काँच’ (‘मैग्नीफाइंग ग्लास’) कहल जा सकैत अछि, कियैक तँ ओ छोट तस्वीर सब केँ पैघ बनाकय पैघ तस्वीर बनबैत अछि । वैदिक आदेश (निर्देश) जे सारगर्भित बात सभक रूप मे होइत अछि, तेकरा पुराण सब मे कहानी या खिस्साक रूप मे पैघ वेदक उपांग – पुराणः वेद केर आवर्धक काँच (मैग्नीफाइंग ग्लास)