रामचरितमानस मोतीः श्री रामजीक बाण सँ रावणक मुकुट-छत्रादिक खसनाय
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री रामजीक बाण सँ रावणक मुकुट-छत्रादिक खसनाय पैछला अध्याय मे श्री राम द्वारा पुछल गेल प्रश्न जे सुन्दर चन्द्रमा मे कारी धब्बा जे देखा रहल अछि से कथी थिक, अपन-अपन बुद्धि अनुसार कहय जाउ, ताहि पर सब विभिन्न तरहक बात सब कहलखिन। स्वयं श्री रामचंद्रजी सेहो कहलखिन जे … रामचरितमानस मोतीः श्री रामजीक बाण सँ रावणक मुकुट-छत्रादिक खसनाय



