गीताक छठम् अध्याय केँ बुझबाक प्रयासः आत्म संयम योग
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी गीताक छठम् अध्याय पर आधारित अध्याय ६ – आत्म संयम योग योग मे स्थित मनुष्य केर लक्षण श्रीभगवानुवाच अनाश्रितः कर्मफलं कार्यं कर्म करोति यः । स सन्न्यासी च योगी च न निरग्निर्न चाक्रियः ॥ (१) श्री भगवान कहलनि – जे मनुष्य बिना कोनो फल केर इच्छा सँ अपन कर्तव्य बुझिकय … गीताक छठम् अध्याय केँ बुझबाक प्रयासः आत्म संयम योग









