वेद अनन्त अछि – ज्ञानक अन्त नहि (अत्यन्त मननीय पाठ)
वेद अनन्त अछि यदि सम्पूर्ण सृष्टि आ सृष्टि सँ पहिने या बाद के जेहो किछु अछि, से सबटा स्पन्दनक जगत मे समाहित अछि, त एकर परिणाम अवश्ये विशाल होयत । अतः, सवाल उठैत अछि जे कि वेद मंत्र सब मे समस्त विविध सार्वभौमिक क्रिया केना समाहित अछि । ई बुझय पड़त जे वेद विशाल अछि … वेद अनन्त अछि – ज्ञानक अन्त नहि (अत्यन्त मननीय पाठ)





