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प्रवीण नारायण चौधरी

वीरगंज मे हालहि घटल घटना – मुस्कान नाम्ना बचियाक ऊपर एसिड अटैक केँ समर्पित एक विशेष रचना

२६ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!!  हालहि वीरगंज मे घटित एक वीभत्स एसिड अटैक कांड केर पीड़िता ‘मुस्कान’ लेल समर्पित एकटा सुन्दर लेख – अंग्रेजी मेः लेखिका “भावना चौधरी, विराटनगर, नेपाल” – हाल वीआईटी, वेल्लोर अपन कालेज सँ – To the illiterate boys out there who think throwing acid on a girl’s face will destroy their वीरगंज मे हालहि घटल घटना – मुस्कान नाम्ना बचियाक ऊपर एसिड अटैक केँ समर्पित एक विशेष रचना

राम नारायण बाबूक दोसर ब्याह

लघुकथा – रूबी झा राम नारायण बाबूक विवाह भेला पाँच वर्ष भय गेल छलैन्ह, लेकिन एखन धरि कोनो संतति नहि भेल छलैन्ह। गाम-समाज केर लोक दिन-राति हुनकर माय केँ कहैय छलखिन्ह जे अपन बेटाक दोसर विवाह करा दियौन, ई पुतोहु तँ अहाँक बाँझ छथि, हिनका सँ वंश केँ वारिस नहि होयत आर अहाँक वंश एतहि राम नारायण बाबूक दोसर ब्याह

सिंगहारक ओ फूल आ कोइलख भगवतीस्थानक ओ दुर्गापूजाक बाल्यकालक संस्मरण

लेख – वाणी भारद्वाज दुर्गापूजा आ हरश्रृंगार फूलक सुगंध आइ भोर पार्क मे टहलय काल मे हरश्रृंगार गाछ मे फूल लागल आ जमीन पर खसल देखिकय मोन विचलित कऽ देलक. अपन नेनपन केर दुर्गापूजा धक् सं मोन पड़ि गेल. कोइलख गामक भगवती स्थान, मा भद्रकाली प्रांगण मोन पड़ि गेलीह. ओना आन गाम जेकाँ कोइलख मे सिंगहारक ओ फूल आ कोइलख भगवतीस्थानक ओ दुर्गापूजाक बाल्यकालक संस्मरण

की, हम वैश्विक साहित्य, राजनीति, संस्कृति वा कोनो अन्य गतिविधि पर अपन विचार रखबा लेल प्रतिबंधित छी ?

विचार-संग्रह २६ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ सँ किछु महत्वपूर्ण विचार सब केँ संग्रह करबाक लेल पुनः फेसबुक आ सामाजिक संजालक अन्य स्रोत सँ मैथिलीक गोटेक उत्कृष्ट लेख केँ समेटब आरम्भ कय रहल छी। एहि क्रम मे आजुक प्रस्तुति श्री ईशनाथ झा, ग्राम – नरुआर, जिला मधुबनी सँ लेल जा रहल अछि। ई फेसबुक सँ की, हम वैश्विक साहित्य, राजनीति, संस्कृति वा कोनो अन्य गतिविधि पर अपन विचार रखबा लेल प्रतिबंधित छी ?

मिथिला सँ जे कटि गेल से मरि गेल बुझू

२५ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! बहुतो बेर एकटा सवाल मोन मे अबैत अछि जे हमरे घरक लोक केँ बाहरी लोक अपन समाज मे जोड़ि ओकरा माथ पर बाहरी साज-सज्जा-सम्मानक कइएक आवरण चढाकय हमर भाइ हमरा सँ छीनि लैत अछि।   भाइ केँ बुझाउ जे बाहरक सम्मान, बाहरक मान, आ कि मान्यता सँ पहिने अपन निजताक मिथिला सँ जे कटि गेल से मरि गेल बुझू

लिखनाइ आ लेखक भेनाइ दुइ अलग प्रक्रिया थिक, मैथिली लिखनिहार लेल किछु सुझाव

किछु सुझाव – अजित आजाद लिखनाइ आ लेखक भेनाइ, दुनू अलग-अलग प्रक्रिया थिक। शुद्धि-अशुद्धिक चिंता कयने बिना अरबो लोक लिखि रहल छथि मुदा ओ लेखक नहि छथि। मोनक बात अथवा विचार लिखबा काल अहाँ जेना बजैत छी, तेना लिखू। गाम-घर मे अधिसंख्य लोक अपन परिचित केँ चिट्ठी-पुर्जी कोना लिखैत अछि, गौर करबै। एहि मे शुद्धिक लिखनाइ आ लेखक भेनाइ दुइ अलग प्रक्रिया थिक, मैथिली लिखनिहार लेल किछु सुझाव

मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित समाचारक असर – भूल सुधार कयलनि पुष्पानि म्यूजिक कम्पनी

२४ सितम्बर २०१९. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली जिन्दाबाद समाचार केर असर   काल्हिये ई समाचार प्रकाश मे आयल छल जे पंडित मधुकान्त झा ‘मधुकर’ केर साहित्यिक रचना केँ अपना नाम सँ जोड़िकय पुष्पानि म्यूजिक द्वारा राहुल मिश्र केर गायन मे एकटा गीत रिलीज कयल गेल अछि। एहि पर मधुकर बाबाक दोभित्र कुमुदानन्द झा प्रियवर विरोध जनबैत मैथिली जिन्दाबाद पर प्रकाशित समाचारक असर – भूल सुधार कयलनि पुष्पानि म्यूजिक कम्पनी

नकली गीतकार बनबाक होड़ मिथिला मे, प्रसिद्ध रचनाकार मधुकरक भक्ति रचनाक चोरी दरभंगा मे

प्रसिद्ध गीतकार पंडित मधुकरक रचनाक चोरी https://youtu.be/PPF1rjSbBaw एकटा आर दुखद घटना सोझाँ आयल अछि, एक महान् साहित्यकार आ गीतकार – भक्तिरचनाक सुप्रसिद्ध स्रष्टा पंडित मधुकान्त झा मधुकरक एक प्रसिद्ध रचना केँ अपन नाम सँ गीत रचबाक आ तेकर रेकर्डिंग करेबाक निन्दनीय प्रकरण प्रकाश मे आयल अछि।   जाले प्रखंड केर मुरैठ गामक निवासी डा. रविन्द्र नकली गीतकार बनबाक होड़ मिथिला मे, प्रसिद्ध रचनाकार मधुकरक भक्ति रचनाक चोरी दरभंगा मे

प्रवीण चौधरीक नवका रैप गीत

युवा आ किशोर मे बढैत कुलत पर संबोधनार्थ ई गीत थिक। सप्तरी जिलाक भारदह कर्मक्षेत्रक एक युवा लेकिन सुप्रतिष्ठित गीतकार सुमन झा केर अनुरोध पर ई रैप गीत थिक।   सुने सुने बबुआ मोरे सोने बबुआ दुनिया मे मैथिल बौआ खूबे अगुआ…   लोक गेल चान पर मैथिल भेलौ पाछू अगबे टंगघिच्ची फुसिये के नाचू प्रवीण चौधरीक नवका रैप गीत

फूलदाय शेरनी त छोटकी पुतोहु भेटलनि सवा-शेरनी

लघुकथा – रूबी झा फूलदाय भरि टोल में सबसँ बेसी बज्जैकर रहैथि। उचित-अनुचित केर ओतेक बोध नहि रहैन, सिर्फ बजनाय बुझथिन्ह। बिना बातक-बात में सब केँ टोकि देथिन, आ भरि टोल घूमल फिरैथि। नवारी में अहि स्वभावक कारण सँ घरवाला सँ कतेक दिन माइर तक खा लैथि, लेकिन ओहि सँ हुनका पर कोनो प्रभाव नहि फूलदाय शेरनी त छोटकी पुतोहु भेटलनि सवा-शेरनी