मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – दोसर अध्यायः रावण आदिक तपस्या, वर पायब तथा विवाहादिक कथा
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण उत्तरकाण्ड – दोसर अध्याय रावण आदिक तपस्या, वर पायब तथा विवाहादिक कथा ।जयकरी छन्द। अथ एक समय तहाँ वित्तेश । राजित पिता वास जहि देश ॥१॥ पुष्पक चढ़ल भानु-सम राज । राज-राज सम्राज विराज ॥२॥ तनिकर विभव देखल सतमाय । नाम केकसी अवसर पाय ॥३॥ रावण … मिथिलाभाषा रामायण – उत्तरकाण्ड – दोसर अध्यायः रावण आदिक तपस्या, वर पायब तथा विवाहादिक कथा




