मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड – रामजीक भरतजी संग भेंट
कविचन्द्र विरचित मिथिलाभाषा रामायण अयोध्याकाण्ड – नवम अध्याय रामजीक भरतजी संग भेंट ।चौपाइ। श्रीरघुनन्दन सुन्दर चरण । महि मे अङ्कित विधिगण-शरण ॥१॥ कुलिश कमल ध्वज धूलि मे रेख । अकलुष अदुख भरत से देख ॥२॥ आज धन्य भेल हमरो भाग । प्रभु-दर्शन-उतकण्ठा लाग ॥३॥ शञ्च शञ्च प्रभु आश्रम जाय । हरष नोर सौँ भरत नहाय … मिथिलाभाषा रामायणः अयोध्याकाण्ड – रामजीक भरतजी संग भेंट







