रामचरितमानस मोतीः श्री सीताजीक स्वप्न, श्री रामजी केँ कोल-किरात द्वारा भरतजीक आगमनक सूचना, रामजीक शोक, लक्ष्मणजीक क्रोध
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती श्री सीताजीक स्वप्न, श्री रामजी केँ कोल-किरात द्वारा भरतजीक आगमनक सूचना, रामजीक शोक, लक्ष्मणजीक क्रोध १. एम्हर श्री रामचंद्रजी राति शेष रहिते जागि गेलाह। राति केँ सीताजी एहेन सपना देखलीह जे ओ श्री रामचंद्रजी केँ सुनाबय लगलीह, मानू समाज सहित भरतजी एतय आयल छथि। प्रभुक वियोग केर अग्नि … रामचरितमानस मोतीः श्री सीताजीक स्वप्न, श्री रामजी केँ कोल-किरात द्वारा भरतजीक आगमनक सूचना, रामजीक शोक, लक्ष्मणजीक क्रोध

