रामायणरूपी भक्तिप्रवाहिनी नदीक विलक्षण दर्शन: रामचरितमानस सँ सीख २२
स्वाध्याय: रामचरितमानस सँ सीख – २२ रामभक्तिरूप – गंगाजी जाहि मे सुन्दर कीर्तिरूपी सुहाओन सरयूजी मिलैत छथि, छोट भाइ लक्ष्मणजी सहित श्रीरामजीक युद्धक पवित्र यशरूपी – महानद सोन अछि – सरयूजी आर सोन केर बीच मे गंगाजी शोभित भऽ रहली अछि। ई तिनू नदी तिमुहानी रामस्वरूपरूपी समुद्रक दिशा मे जा रहल अछि। एहि कीर्तिरूपी … रामायणरूपी भक्तिप्रवाहिनी नदीक विलक्षण दर्शन: रामचरितमानस सँ सीख २२







