विराटनगरक आरोहण-गुरुकुल मे १५ दिन प्रदर्शन होमयवला नाटक ‘लखन पटवारी’ काल्हि सँ शुरू

विराटनगर, १७ जुलाई २०१७. मैथिली जिन्दाबाद!!

आरोहण-गुरुकुल नाटक घर – विराटनगर मे काल्हि सँ स्थानीय रंगकर्मी समूह द्वारा नाटक ‘लखन पटवारी’ केर भव्य प्रदर्शन आरम्भ भेल अछि। ई शो नित्य ५ बजे संध्या सँ देखायल जेबाक जनतब रंगकर्म समूहक दिग्दर्शक खेम नेपाली काल्हि पहिल शो केर उद्घाटन मार्फत जनतब देलनि। आरोहण-गुरुकुल केर अध्यक्ष भैरव क्षेत्री रंगकर्मी समूह द्वारा तैयार कएल गेल नाटक ‘लखन पटवारी’ केर प्रदर्शन एहि सँ पूर्व इलाम केर नाट्य समारोह मे होयबाक जनतब दैत उपस्थित जनमानस सँ विराटनगर मे होमय जा रहल १५-दिने प्रदर्शनक विज्ञापन करैत सहयोग करबाक अपील कएलनि।

प्रसिद्ध रंगकर्मी रामभजन कामत केर निर्देशन मे मंचित नाटक लखन पटवारी प्रवीण खतिवडा द्वारा लोककथाक नाट्य रूपान्तरण थिक। एहि मे यमलोक केर राजा यमराज द्वारा जिबिते मनुक्ख केँ यमलोक अनबाक रोचक कथाक वर्णन कएल गेल अछि। यमराज अपन यमदूत केँ मर्त्यभूमि (पृथ्वीलोक) सँ जीबिते मनुक्ख आनय लेल कहैत छथि। जीबिते मनुक्ख बड खतरनाक होएत छैक आर यमदूत ओकरा सब सँ हारि जाएत अछि, हास्य-मनोरंजन सँ भरपूर संवाद आ एक्शन रहल एहि नाटक केँ मात्र ६ गोट कलाकारक समूह द्वारा बदैल-बदैलकय अलग-अलग रूप मे अभिनय बड बेजोड़ प्रस्तुति रखने छल।

लखन पटवारी अन्त मे एक एहेन व्यक्ति पृथ्वी पर यमदूत सब केँ भेट जाएत छैक जे सूतल अवस्था मे रहैत छैक – ओकरा ओहि अवस्था मे यमलोक लय केँ ओ सब जाएत अछि। यमराज आर यमदूतक वार्ता जे पृथ्वी पर जिबैत मनुक्ख बड चालाक आ खतरनाक होएत अछि, ई बात सुनिकय लखन पटवारी अपन दिमाग लगाकय यमराजक समक्ष ब्रह्मा-विष्णु-महेशक हस्ताक्षर आ अंगूठा सहितक कागज देखा ओकरे यमलोकक राजा बनेबाक चाइल चलैत अछि। यमराज सेहो ओकर झाँसा मे आबि जाएत छथि। आर फेर बड़ा रोचक ढंग सँ यमलोकक राजा बनिकय लखन पटवारी सब नरक मे रहनिहार केँ स्वर्ग मे आ स्वर्ग मे रहनिहार केँ नरक मे पठाकय विधान उल्टा दैत अछि। एहि स्थिति सँ चिन्तित स्वयं ब्रह्मा-विष्णु-महेश यमलोक अबैत छथि। ओ सब एहि तरहक उल्टा काज लेल यमराज केँ बहुत फटकारैत छथि आर लखन पटवारी अपना केँ जिन्दे यमलोक अनबाक विधान उल्टा करबाक कारण एहि तरहक उल्टा बर्ताव करबाक उपमा रखैत अछि। अन्ततः ओकरा जीबिते फेर वापस पृथ्वीलोक पठेबाक लेल भगवान् आदेश करैत छथि। मुदा किछु दिनक बाद जखन फेर लखन पटवारी अपन और्दा पूरलाक बाद मैरकय यमलोक पहुँचैत अछि त यमराज ओकरा देखि हँसैत छथिन आर चित्रगुप्त सँ ओकरा स्वर्ग-नर्क केर निर्णय मांगि उचित स्थान पर पठबय लेल कहैत छथिन। चित्रगुप्त लखन पटवारीक पूरे जीवनकाल मे कएल एक बूढ गाय केर दानक कारण ओहि गाय सँ एक काज करबय लेल ओकरा अधिकार दैत छथिन। लखन पटवारी तेज खोपड़ीक लोक ओहि गाय सँ यमराज सहित ओतय मौजूद सब यमदूतहि केँ सींग सँ प्रहार करय लेल कहैत छैक। फेरो यमलोक मे कोहराम मैच जाएत अछि आर पुनः सब किछु शान्ति होएत नाटक समाप्त होएत अछि।

लखन पटवारीक भूमिका मे स्वयं राम भजन कामत सहित यमराज व अन्य भूमिका मे रहल आरोहण-गुरुकुल केर कलाकार सभक उत्कृष्ट अभिनयक जतेक सराहना कएल जाय ओ कम होयत। पूरे नाटक मे हास्यरसक अभिव्यंजना भरल अछि। थियेटर संसार मे एहि नाटक केर महत्व अत्यन्त प्रेरणास्पद सेहो देखल गेल।

काल्हिक पहिल शो प्रस्तुति मे आमंत्रित विराटनगर महानगरपालिकाक मेयर, उपमेयर व अन्य स्थानीय निकाय जनप्रतिनिधि लोकनि सहित समाजक अन्य क्षेत्र सँ अगुआ सभ केँ आमंत्रित कएल गेल छल। काफी रास महत्वपूर्ण संचारकर्मी सेहो आमंत्रित छलाह। मैथिली जिन्दाबादक संपादक प्रवीण नारायण चौधरी सेहो एहि अवसर पर मौजूद छलाह। कार्यक्रम मे मेयर, उपमेयर व अन्य जनप्रतिनिधि केँ सम्मान करबाक संग-संग कलाकार व रंगकर्म क्षेत्र मे उल्लेखनीय योगदान देनिहार बहुत रास स्रष्टा सभ केँ प्रमाणपत्र प्रदान कएल गेल छल।