रामचरितमानस मोतीः बानर-निषाद आदिक विदाई
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती बानर-निषाद आदिक विदाई श्री रामजीक राजतिलक उपरान्त…. १. बानर सब ब्रह्मानंद मे मग्न अछि। प्रभुक चरण मे सब केँ खूब प्रेम छैक। ओकरा लोकनि केँ दिन बितैत बुझेबे नहि कयलैक आ छह मास बीति गेलैक। सब अपन घरो तक बिसरि गेल। जागैत कालक त बात छोड़ू, सपनहुँ मे … रामचरितमानस मोतीः बानर-निषाद आदिक विदाई





