अहाँ ई करू – अहाँ ओ करू
अहाँ ई करू – अहाँ ओ करू समाज बदलबाक काज जखन असामाजिक लोक करत त समाज मे केहेन परिवर्तन आओत ई स्वतः बुझय योग्य प्रश्न भेल। मनन करू। तहिना भाषा आ साहित्यक अर्थ तक नहि बुझनिहार जखन भाषा-साहित्य पर विमर्श करत त ओहेन समाज मे भाषा-साहित्यक केहेन स्थिति रहत सेहो स्वतः बुझय योग्य प्रश्न भेल। … अहाँ ई करू – अहाँ ओ करू




