रामचरितमानस मोतीः त्रिजटा-सीता संवाद
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती त्रिजटा-सीता संवाद राम-रावण युद्ध निरन्तरता मे, रावणक मूर्च्छा आ तेकर बाद…. १. ओहि राति त्रिजटा सीताजी लग जा कय हुनका सब कथा कहि सुनेलक। शत्रुक माथ आ हाथ बढ़ैत रहबाक बात सुनि सीताजी केँ बहुत भय भेलन्हि। हुनकर मुँह उदास भ’ गेलनि। मोन मे चिन्ता उत्पन्न भ’ गेलनि। … रामचरितमानस मोतीः त्रिजटा-सीता संवाद


