गीताः सृष्टिक आदि सँ परंपरा सँ आबि रहल अछि ई गूढतम् ज्ञान
गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे…. कर्मयोग केर समस्त सिद्धान्त बतबैत भगवान् द्वारा मनुष्यक मूल शत्रु काम आर क्रोध कहल गेल, निश्चयपूर्वक एहि दुइ केँ मारबाक संपूर्ण प्रक्रिया बतबैत मारबाक लेल कहल गेल…. आर आगू चारिम अध्याय मे संन्यास योग पर विवेचना आरम्भ…) भगवान् कहलनि, इमं विवस्वते योगं प्रोक्तवानहमव्ययम्। विवस्वान्मनवे प्राह मनुरिक्ष्वाकवेऽब्रवीत्॥४-१॥ एवं परम्पराप्राप्तमिमं राजर्षयो … गीताः सृष्टिक आदि सँ परंपरा सँ आबि रहल अछि ई गूढतम् ज्ञान








