रामचरितमानस मोतीः हनुमानजीक सुषेण वैद्य केँ आनब आ संजीवनी बुटी लेल जायब
स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती हनुमानजीक सुषेण वैद्य केँ आनब आ संजीवनी बुटी लेल जायब कालनेमि-रावण संवाद, मकरी उद्धार, कालनेमि उद्धार पिछला अध्याय मे लक्ष्मण-मेघनाद युद्ध आ लक्ष्मणजी पर शक्तिबाण प्रहार सँ हुनका मुर्छा मे देखि श्री रामजी सहित समस्त लोक चिन्तित छथि। तेकर बाद – १. जाम्बवान् कहलखिन – लंका मे सुषेण … रामचरितमानस मोतीः हनुमानजीक सुषेण वैद्य केँ आनब आ संजीवनी बुटी लेल जायब





