मिथिलावादी राजनीति मात्र भ्रम आ कुप्रचार केँ ध्वस्त कय सकत
विशेष सम्पादकीय सन्दर्भः मिथिला लेल राजनीति – विभिन्न प्रकारक भ्रम सँ ऊबारक एकमात्र अन्तिम विकल्प आदर्शक बात मिथिला मात्र कय सकैत अछि समाजवादक काज मिथिला मात्र कय सकैत अछि ओना त मैथिली भाषा केँ आभिजात्य वर्गक भाषा बनेबाक आ मिथिला केवल एकल जातिक पहचान हेबाक जेहेन अनेकों कुत्सित आ कुटिल भ्रम पसारबाक काज विगत कइएक … मिथिलावादी राजनीति मात्र भ्रम आ कुप्रचार केँ ध्वस्त कय सकत









