२१ जनवरी २०२२ । मैथिली जिन्दाबाद!!
मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा तिला संक्रान्तिक दिन सँ नव वर्ष मे सदस्यता अभियान आरम्भ कयल गेल अछि। नव सदस्य सँ निर्धारित मोबाइल नम्बर +918797670999 पर अपन नाम, पता आदि विवरण पठेबाक अनुरोध कयल गेल अछि। एहि विवरणक आधार पर सदस्य सब केँ सम्बन्धित प्रखण्ड (क्षेत्र, ब्लौक) केर व्हाट्सअप ग्रुप मे जोड़िकय क्षेत्र अनुसार जमीनी राजनीतिक मुद्दा सेहो संकलन कयल जेबाक जनतब महासचिव राजेश झा करौलनि। एहि सन्दर्भ मे मैथिली जिन्दाबाद केर सम्पादक प्रवीण नारायण चौधरी सेहो एक अपील जारी कयलनि अछि जे निम्नानुसार अछिः
“मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा निरन्तर अपन पहचान, भाषा, संस्कृति, शिक्षा, रोजगार, समाज आ सब सँ जरूरी राजनीतिक अधिकार लेल किछु न किछु महत्वपूर्ण योगदान देल जा रहल अछि। विगत 14 जनवरी 2022 सँ एहि में जुड़बाक वास्ते मोबाइल नंबर 8797670999 जारी करैत सदस्यक नाम आ पता विवरण मांग कयल जा रहल अछि। लेकिन जाहि तरहें हिनका सभक उत्साहवर्धन होबाक चाही ताहि तरहक सहयोगात्मक भावना साहित्यकार समाज आ संस्थागत तौर पर नहि पाबि महासचिव राजेश जी काफी असन्तोष के भावना साझा कयलथि। कहलथि कि हमर मैथिल समाज के महत्वपूर्ण अंग साहित्यसेवी पुरोधा सब लेल आ संगहि विभिन्न स्थान पर चर्चा में रहल संस्था एवं पदाधिकारी लोकनि लेल हमरा सब केँ नोटिस तक लेनाय भारी पड़ि रहल छन्हि, कहला जे खाली जन्मदिन पर शुभकामना संदेश आदान प्रदान लेल हम सब एकजुटता प्रदर्शित करैत छी…। काफी अपीलिंग लागल सब बात।
ई लोकनि सामाजिक संजाल में हिन्दी मे आह्वान सेहो करैत छथि, कारण ऑडियंस हिन्दी वला लेल भेल करैत अछि किछु बात लेल। लेकिन हिनकर सभक एहि कार्य के आलोचना कयल जाइछ, तेकर जवाब ई सब जमीनी अभियान में मैथिली के प्रयोग संग समस्त सरकारी पत्राचार में सेहो मैथिली मात्र प्रयोग करय सँ दैत छथि। तथापि किछु लोक केँ असन्तोष या विरोध भेल करैत छन्हि, से आपस मे बात कय केँ समाधान निकालि सकैत छथि।
हम आग्रहपूर्वक हिनका लोकनिक आह्वान प्रति सभक ध्यानाकर्षण कय रहल छी। कृपया जरूरत के समय चुपचाप नहि बैसू, आगू बढ़ाओ हाथ आ परस्पर सहयोग बढ़ाओ।
नेपालक मिथिला के नाम मधेश पड़ि गेल। आब एतय सेहो मिथिलावाद केँ मूल राजनीति में प्रवेश करय के परिस्थिति आबि गेल। सोचू आ सङ्गोर बढ़ाओ।
सत्यबोधहेतु चैतन्यक शिखर चाही,
तोपसँ मोकाबिला ले’ मिसाइल आ टैंकर चाही,
मँगलासँ भेटए ने पाँच ग्राम,
अधिकार ले’ सारथी कृष्ण आ महाभारत समर चाही !
– राजेन्द्र विमल
आब नहि त कहियो नहि
मिथिला केँ बचाउ, मैथिल केँ बढाउ
हरिः हरः!!”
विश्व भरिक अनेकों प्रचलित सभ्यता मध्य मिथिलाक अपन विशिष्टता अलग अछि, नेपाल तथा भारत दुनू देश मे राज्य रूप मे एकरा संवैधानिक सम्मान दिएबाक आन्दोलन सुसुप्तावस्था मे जारी अछि।
