भाषा तोड़ब – समाज टूटतः विध्वंसक विचारधारा पर रोक आवश्यक
मैथिली केँ खन्डित करनिहार ध्यान देब हमरा सब के भाषा ‘मैथिली भाषा’ के नाम बिगाड़य के लेल किछु लोक जातीय आधार पर बड़ा उद्यत् देखाइत छथि। हमरा मोन पड़ैत अछि ‘संस्कृत भाषा’। संस्कृत भाषा केँ एकल जातीय भाषा, उच्चवर्ग द्वारा बाजल जायवला भाषा कहिकय एहिना समाप्त कयल गेल। लोकक मन-मस्तिष्क मे एहि महत्वपूर्ण भाषा प्रति … भाषा तोड़ब – समाज टूटतः विध्वंसक विचारधारा पर रोक आवश्यक







