राम नारायण बाबूक दोसर ब्याह
लघुकथा – रूबी झा राम नारायण बाबूक विवाह भेला पाँच वर्ष भय गेल छलैन्ह, लेकिन एखन धरि कोनो संतति नहि भेल छलैन्ह। गाम-समाज केर लोक दिन-राति हुनकर माय केँ कहैय छलखिन्ह जे अपन बेटाक दोसर विवाह करा दियौन, ई पुतोहु तँ अहाँक बाँझ छथि, हिनका सँ वंश केँ वारिस नहि होयत आर अहाँक वंश एतहि … राम नारायण बाबूक दोसर ब्याह









