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प्रवीण नारायण चौधरी

रामचरितमानस मोतीः राजा दशरथ केर पुत्रेष्टि यज्ञ

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती राजा दशरथ द्वारा पुत्रेष्टि यज्ञ  भगवान केर वरदान पाबि देवता लोकनि वानर रूप मे पृथ्वी पर आबि गेल छथि। ओ सब भगवानक अवतार के प्रतीक्षा मे छथि। आगू – १. ओ समस्त वानर सब पर्वत और जंगल मे जहाँ-तहाँ अपन-अपन सुन्दर सेना बनाकय छा गेला। ई सब सुन्दर चरित्र रामचरितमानस मोतीः राजा दशरथ केर पुत्रेष्टि यज्ञ

रामचरितमानस मोतीः भगवान द्वारा वरदान

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती भगवान्‌ द्वारा वरदान   रामचरितमानस मोती केर लेखनक क्रम मे हमरा लोकनि रावणादिक अत्याचार सँ त्रसित देवतागण व पृथ्वी द्वारा ब्रह्मा आ महेश सहित भगवान केर विनती करैत भगवान कतहु आ कखनहुँ प्रकट होयबाक अटल विश्वास पैछला अध्याय मे पढ़लहुँ। आइ पढब भगवान द्वारा हुनका सब केँ वरदान रामचरितमानस मोतीः भगवान द्वारा वरदान

गरीब नीक लेकिन कल्लर बिल्कुल नहि

विषय थिकैक गरीबी। गरीबी सामान्यतया अभिशाप मानल जाइत छैक। से सच्चाई थिकैक। गरीबी एक अभिशापे थिक। अभाव केँ आशीर्वाद केना मानल जाय! लेकिन गरीबी एकटा चुनौती सेहो होइत छैक। गरीबी एकटा हठ सेहो होइत छैक। गरीबी एकटा परीक्षा सेहो होइत छैक। गरीबी के आध्यात्मिक स्वरूप पर हमर चिन्तन बहुत अलग अछि। हम राजा हरिश्चन्द्र केँ गरीब नीक लेकिन कल्लर बिल्कुल नहि

रामचरितमानस मोतीः पृथ्वी आ देवता लोकनिक करुण पुकार

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी रामचरितमानस मोती पृथ्वी और देवतादिक करुण पुकार १. पराया धन और पराया स्त्री पर मोन चलबयवला, दुष्ट, चोर और जुआरी बहुते बढ़ि गेल। लोक माय-बाप आ देवता सब केँ नहि मानैत छल आ साधु लोकनिक सेवा करब त दूर उल्टा हुनके सब सँ सेवा करबावैत छल। श्री शिवजी कहैत छथि रामचरितमानस मोतीः पृथ्वी आ देवता लोकनिक करुण पुकार

रामचरितमानस मोतीः रावणादिक जन्म, तपस्या, ऐश्वर्य आ अत्याचारक कथा

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी पिछला अध्याय मे राजा प्रतापभानु अर्थात् रावणक पूर्व जन्म केर कथा पढ़लहुँ। हम सब देखलहुँ जे कोना एक प्रतापी राजा कपटी तपस्वी सँ भेंटक क्रम मे अचानक अपन अहंता मे डूबि आवश्यकता सँ अधिक आशीर्वाद, वरदान आ चमत्कार करबाक चक्कर मे फँसि गेलाह आ कोना हुनका ब्राह्मण द्वारा तीक्ष्ण श्राप रामचरितमानस मोतीः रावणादिक जन्म, तपस्या, ऐश्वर्य आ अत्याचारक कथा

रामचरितमानस मोतीः राजा प्रतापभानुक कथा (रावणक पूर्वजन्मक गाथा)

स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी प्रसंग चलि रहल अछि जे शिवजी पार्वती केँ भगवानक अवतारक कथा सुना रहल छथि, ताहि मे श्रीराम अयोध्यानरेश दशरथ केर पुत्र रूप मे कोना अयलाह से सब कहि रहल छथि। आइ रावणक पूर्वजन्म मे एकटा प्रतापी राजा प्रतापभानु रहैत कोना ब्राह्मण द्वारा शापित भेलथि से प्रस्तुत अछि। एहि कथा मे रामचरितमानस मोतीः राजा प्रतापभानुक कथा (रावणक पूर्वजन्मक गाथा)

जा रहल कतय समाजः ज्योति झा के कविता

कविता – ज्योति झा, काठमांडू जा रहल कतय समाजदहेज नै लेब नै देब कहिते कहिते उमेर तिस पार भ’ गेलै गे बहिना बेटा बेटी कुमारे रहिगेल सख रहि जायत जहिना तहिना माय बाप दहेज पर छैथ अटकल बेटा बेटी पढिलिख प्रगति पथमे परिकल असन्तुलन बढिरहल सामाजिक व्यवस्थामे जिम्मेवार अभिभावक निर्णय दुबिधामेजिनकर धिया गुणी, माय बाप जा रहल कतय समाजः ज्योति झा के कविता

भभुआ सासाराम के निजी अस्पतालों का निरीक्षण

भभुआ, सासाराम के निजी अस्पतालों का निरीक्षण… यूएसएआईडी राइज झपिएगो तथा अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के संयुक्त सहभागिता में पूर्व में ही क्रिटिकल केयर वर्किंग ग्रुप का गठन किया जा चुका है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान पटना तथा यूएसएआईडी राइज झपिएगो सी॰सी॰डबल्यू॰जी॰के नोडल को-ऑर्डिनेटर डॉक्टर नीरज कुमार के कुशल नेतृत्व में आजतक करीब तीन हजार भभुआ सासाराम के निजी अस्पतालों का निरीक्षण

संत प्रयागदासजीक कथा – बहिन सीता आ बहिनोइ राम संग अद्भुत भेंट आ सद्गति

https://www.youtube.com/watch?v=FuDj1UmeE1w स्वाध्याय – प्रवीण नारायण चौधरी प्रयागदासडॉ लक्ष्मी प्रसाद श्रीवास्तव जीक लिखल बिहार लोकसंस्कृति कोश (मिथिला खण्ड) में आइ पढ़लहुँ “प्रयागदास” के कथा। कथा एहि तरहें अछिःजनकपुर के एक विधवा छलीह। जानकी जी केँ अपन बेटी बुझि नित्य सेवा कयल करथि। हुनक एकलौता पुत्र रहनि ‘प्रयागदास’। प्रयागदास अपन माताक आस्था, विश्वास आ प्रेरणा सँ अत्यन्त संत प्रयागदासजीक कथा – बहिन सीता आ बहिनोइ राम संग अद्भुत भेंट आ सद्गति

भारत मे राजनीति के खसैत अवस्था

राजनीति के खसैत अवस्था   एखन भारतीय मीडिया मे दिन भरि ‘नुपूर शर्माक मोहम्मद साहेब’ पर देल आपत्तिजनक टिप्पणी बवाल काटि रहल अछि। देश-विदेश चारूदिश इस्लाम समर्थक धर्मावलम्बी द्वारा एहि बयान लेल भारतक निन्दा आ नुपूर शर्मा पर कानूनी कार्रवाईक मांग कयल जा रहल अछि। कानून सेहो देर-सबेर अपन काज आरम्भ कय चुकल अछि आ भारत मे राजनीति के खसैत अवस्था