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प्रवीण नारायण चौधरी

मंडन मिश्र केर काशी कृति – धरोहर आइयो मौजूद, संरक्षण-संवर्धनक आवश्यकता

बनारस यात्रा सँ घुरिकय मैथिली जिन्दाबादक समाचार संपादक किसलय कृष्ण यात्रा संस्मरण मे ‘मंडन मिश्र’ कतेको विद्वानक शोधपूर्ण व्याख्यासँ ई सम्पूर्ण सिद्ध भऽ चुकल अछि जे प्रख्यात विद्वान आ दार्शनिक मण्डन मिश्र मिथिलाक सहरसा जिलाक महिषी (प्राचीन माहिष्मति)क निवासी छलाह । शांकरमठक अनुयायी दक्षिण भारतीय लेखक माधवाचार्यक शंकरद्विगविजयमे वर्णित सभटा भ्रमक निवारण अंधराठाढ़ीक प्रकाण्ड शास्त्रज्ञाता मंडन मिश्र केर काशी कृति – धरोहर आइयो मौजूद, संरक्षण-संवर्धनक आवश्यकता

तैयारी छै जयबा लेल

बक्शीक छंद – उमाकान्त झा ‘बक्शी’ वयस मारलक चारिम थापड़। आन्हर आँखि कान भेल पाथर॥ नहि सूनी नहि देखी आब। करू नीक बा खून – ख़राब॥ नेता लूटू, खाउ, पकाउ। जाति – जाति केँ खूब लड़ाउ॥ धर्मक ठिकेदार कहाउ। खूब अधर्मक पाठ पढाउ॥ बेचू बेटा‚ लियऽ दहेज़। खाउ कन्यागतक करेज॥ पुत्रवधू के आगि लगाउ। राम तैयारी छै जयबा लेल

धूमकेतुक लेखन दृष्टि पर पटना मे होयत विचार गोष्ठी: मैथिली लेखक संघ

अमित आनन्द, बोधगया। जुलाई १२, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! पटना मे आइ रवि दिन १२ जुलाई, २०१५ केँ यूथ क्लब (फ्रेजर रोड, पटना) मे ‘धूमकेतुक लेखन दृष्टि’ विषय पर विचार-गोष्ठीक आयोजन कैल जा रहल अछि। मैथिली लेखक संघ द्वारा एहि आयोजन मे सार्वजनिक आमंत्रण करैत जानकारी कराओल गेल अछि जे धूमकेतु पर श्याम दरिहरे, अशोक, वासुकिनाथ धूमकेतुक लेखन दृष्टि पर पटना मे होयत विचार गोष्ठी: मैथिली लेखक संघ

मिथिला मे खच्चरहि केर दर्शन – तीत-सत्य

खच्चरहि प्रसंग – यथार्थ अनुभूति पर आधारित – संतोष कुमार संतोषी ई खच्चरैहि……बाप रे……. उजरका पैजामा आ चितकबरा बुसट पहिरने, बिच्चैहि आँगन में खाट पर बैसल डाक्टर साहेब — कोनो जानवरक छाला सँ बनल अपन करिकबा बेग में भरल रंगबिरहा गोटी आ दबाई संग तोर जोर क रहला… एम्हर,, जर (बुखार )सँ तलफैत अपन चाईर मिथिला मे खच्चरहि केर दर्शन – तीत-सत्य

ई १६ चक्रवर्ती राजा छथि भारतवर्षक निर्माता: भाग ४

संकलन: अनिरुद्ध जोशी ‘शतायु’ अनुवाद: प्रवीण नारायण चौधरी सम्राट विक्रमादित्य : विक्रम संवत अनुसार विक्रमादित्य आइ सँ 2286 वर्ष पूर्व भेला। विक्रमादित्य केर नाम विक्रम सेन छल। नाबोवाहन केर पुत्र राजा गंधर्वसेन सेहो चक्रवर्ती सम्राट छलाह। गंधर्वसेन केर पुत्र विक्रमादित्य और भर्तृहरी भेला। विक्रमादित्य सम्राट बनलाह तऽ भर्तुहरी एक महान सिद्ध संत। विक्रमादित्य भारत केर प्राचीन ई १६ चक्रवर्ती राजा छथि भारतवर्षक निर्माता: भाग ४

महान् मिथिलावादी पं. ताराकान्त झा केर पुनर्स्मरण

मिथिलाक पहिचान केँ स्थापित करबाक लेल निरंतर संघर्ष कएनिहार पंडित ताराकान्त झा – हजारों गामक पदयात्रा करैत हर गामक समस्या सँ अवगत होइत जमीनी लड़ाई सँ अधिकारसंपन्नताक अभियान चलबैत भारतीय जनता पार्टीक जैड़ मिथिलाक्षेत्र मे जमेनिहार वरिष्ठ अधिवक्ता, अत्यन्त शालीन एवं प्रखर व्यक्तित्व केर जन्मदिवस पर ‘मैथिली जिन्दाबाद’ किछु ओहेन आलेख एतय राखि रहल अछि महान् मिथिलावादी पं. ताराकान्त झा केर पुनर्स्मरण

‘हेगै दाय गे कमाल तोहर ओढनी गे’ गायक विरेन्द्र झा संग भेंटघाँट

विद्यानन्द बेदर्दी, राजविराज, सप्तरी। जुलाई ११, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक सुप्रसिद्ध,चर्चित आ विलक्षण प्रतिभा भेल,लाखो स्रोताके दिल जितिनेहार सप्तरी,भारदह निवासी आवाजक जादुगर गायक: ‎विरेन्द_झा‬ जी संग अपन एलबम “मिथिला एक्सप्रेस”के ‘लुटिले गोरी तु सौँसे सप्तरी’ बोलक गीतक रेकर्डिङ्गके लेल जिनगीक पहिल भेटके बाद आइ दोसर भेट भेल। भेट बड्ड यादगार रहल आ बातचीत ततबे रमणीय। ‘हेगै दाय गे कमाल तोहर ओढनी गे’ गायक विरेन्द्र झा संग भेंटघाँट

सत्ययुग मे ‘मिथि’ – कलियुग मे ‘लटाईधारी’

संस्मरण – प्रवीण नारायण चौधरी एक अत्यन्त प्रेरणास्पद मित्रक बेर-बेर प्रयोग सँ नकारात्मक उर्जाक संवाहक शब्द ‘लटाईधारी’ पर केन्द्रित ई प्रस्तुति एतय राखि रहल छी। आदिकाल मे निमि द्वारा कैल गेल महायज्ञ सँ जन्म लेलनि ‘मिथि’ आ हुनक राज्यक्षेत्रक नाम पड़ि गेल छल मिथिला। ओहि यज्ञ मे सेहो विध्वंस भेल छल। पूर्व आमंत्रित ‘होता वशिष्ठ’ सत्ययुग मे ‘मिथि’ – कलियुग मे ‘लटाईधारी’

नुनु झा उवाच: मिथिलाक तरुआ सबहक आपसी नोंक-झोंक

मिथिला के तरुआ के स्वाद तs बहुत नेने होयब, आउ आइ तरुआ सबहक आपस मे नोंक-झोंक केर मजा ली ….. भिंडी :- भिनभिनाइत भिंडी के तरुआ, आगु आ ने रे मुंह जरूआ हमरा बिनु उदाश अछि थारी, करगर तरुआ रसगर तरकारी । कदीमा :- गे भिंडी तू चुप्पे रह, अहि से आगु किछ नै कह नुनु झा उवाच: मिथिलाक तरुआ सबहक आपसी नोंक-झोंक

मिथिला राज्य तथा मिथिलाक विकास लेल जन्तर-मन्तर दिल्ली पर २१ जुलाई केँ होयत धरना

प्रो. अमरेन्द्र झा, अन्तर्राष्ट्रीय संयोजक, अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति जानकारी करबैत कहलैन अछि जे २१ जुलाई २०१५ केँ “अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति” केर तत्वाधान मे जंतर-मंतर, दिल्ली पर प्रात: १० बजे सँ सायं ५ बजे तक “विशाल धरना” केर आयोजन अछि। अधिक सँ अधिक संख्या मे मिथिलावासी सँ एहि धरना मे सहभागिता मिथिला राज्य तथा मिथिलाक विकास लेल जन्तर-मन्तर दिल्ली पर २१ जुलाई केँ होयत धरना