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प्रवीण नारायण चौधरी

अन्न बिना सब सुन्न-मशान!!

हमहुँ रोपब धान – प्रवीण नारायण चौधरी   बाबु! तूँ खेत पर काज करैत छह, हमहुँ तोरा संग दैत छियह! अन्न उपजि तऽ भूख मरैत छह दुनियाक पेट किसान भरैत छह! बाबु! तूँ खेत पर ….   थाल पाइन मे धानक बिहैन रोपि-रोपि जे सपना देखैत छह बरखा पानी खाद कमौनी बड मेहनति सँ धान अन्न बिना सब सुन्न-मशान!!

भज गोविन्दं भज गोविन्दं – गोविन्दं भज मूढमते: आध्यात्मिक चिन्तन

आध्यत्मिक चर्चा: आत्मीय मंथन अनेक शास्त्रमत मुताबिक प्रत्येक मनुष्यक अन्तकाल अत्यन्त भयावह घड़ी होयबाक तथ्य रखैत छैक, आर एहि लोक मे रहनिहार कोनो प्राणीक अन्त-घड़ीक भयंकर संताप सँ परिचित अछिये। एहेन अवस्था मे केकरा न इच्छा हेतैक जे अपन आराध्यदेव – इष्ट ईश्वर अभीष्ट बनबैत आराम सँ प्राण छोड़ि अन्य लोक लेल प्रस्थान करी। भागवद्गीता एहि भज गोविन्दं भज गोविन्दं – गोविन्दं भज मूढमते: आध्यात्मिक चिन्तन

मिथिलादेश आइ मिथिलांचल कोना

मिथिला देश से मिथिला राज्य आ आब मिथिला राज्य सऽ बनि गेल मिथिला अँचल!! (मिथिलाँचलपर विशेष) भारतवर्ष समस्त संसारके द्योतक थिकैक, कारण भारतवर्षमें विदेश केकरो नहि कहल गेलैक अछि। वसुधैव कुटुम्बकम् समान अति उच्च संस्कार के ग्रहण करैत मानव-कल्याण संग हर जीवपर दयाक बात कैल गेल छैक। करुणा सँ पैघ प्रेमक दोसर कोनो रूप नहि! मिथिलादेश आइ मिथिलांचल कोना

मिथिलाक्षर प्रशिक्षण अभियानक तेसर हप्ता

मिथिला चौक, कनाट प्लेस, दिल्ली। अगस्त २२, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली फाउन्डेशन संस्थापक कौशल कुमार द्वारा संचालित मिथिलाक्षर प्रशिक्षण अभियान केर आइ तेसर हप्ताहक रूटीन प्रशिक्षण करीक एक दर्जन प्रशिक्षु केँ देल गेल। मिथिलाक्षर प्रशिक्षण कार्यक्रम मे भाग लेनिहार कमल संदेश केर सह-संपादक संजीब सिन्हा प्रसन्नता व्यक्त करैत अपन उद्गार प्रकट केलैन आ संगहि आरो मिथिलाक्षर प्रशिक्षण अभियानक तेसर हप्ता

मधेशी शहीदक संग अछि प्रवासी मधेशी समाज कतार: शहीदक परिवार लेल सहयोग संकलन

बिन्देश्वर ठाकुर, दोहा, कतार। अगस्त २२, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! संक्रमणकाल सँ निकैल रहल नेपाल मे संविधान बनेबाक प्रक्रिया अन्तिम दौर मे अछि। पहिने सीमांकन-नामांकनविहीन संघीयताक नाटक आ तेकर विरोध भेलाक बाद मनमौजी प्रदेशक सीमांकन सँ उत्पन्न विवाद आ जनाक्रोश सँ पूरे देश मे असन्तुष्ट जनता द्वारा बन्द-हड़तालक कार्यक्रम जोर पकड़ने जा रहल अछि, मुदा सरकार मधेशी शहीदक संग अछि प्रवासी मधेशी समाज कतार: शहीदक परिवार लेल सहयोग संकलन

परंपरा ठाकुर: मैथिली गीतकार रविन्द्रक पोती ‘भ्वाइस अफ इंडिया’ सिंगर केर वोटिंग राउन्ड मे

अगस्त २२, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! एण्ड टीवी द्वारा चलायल जा रहल लोकप्रिय म्युजिक शो पर सुप्रसिद्ध मैथिली गीतकार जोड़ी रविन्द्र-महिन्द्र केर एकमात्र जीवित लेजेन्ड गीतकार श्री रविन्द्र नाथ ठाकुर केर सुपुत्र अवनिन्द्र ठाकुर केर सुपुत्री परंपरा ठाकुर प्रारंभिक राउन्ड मे अपन गायकी कलाक संग-संग प्रस्तुति कला मे सेहो लोहा मनबैत अन्तिम राउन्ड मे प्रवेश कएली परंपरा ठाकुर: मैथिली गीतकार रविन्द्रक पोती ‘भ्वाइस अफ इंडिया’ सिंगर केर वोटिंग राउन्ड मे

२०२० ई. तक संविधान मे स्थापित होएबाक आशा!!

सन्दर्भ: मैथिल पहिचान केर नेपाल तथा भारत मे स्थापित होएबाक विषय पर विचार-मंथन! राज्य केर लड़ाई राजनीतिक छैक, एहि मे कत्तहु दुइ मत नहि। लेकिन राज्य बिना सीमाक बनाकय राखबाक लेल साधारण सूत्र छैक – शिक्षा, संस्कार, संस्कृति, सभ्यता, समाजिकता, सौहार्द्रता, सुदृढता, सुन्दरता, सक्रियता आ सहजता – एहि १० टा ‘स’ सँ हम मैथिल स्वयंसेवा २०२० ई. तक संविधान मे स्थापित होएबाक आशा!!

मिथिलाक हर-घर मे रामायण: तुलसीदास केर लोकप्रियता जन-जन मे

तुलसीदास पुण्य तिथि पर विशेष सावन मास केर शुक्ल पक्षक सप्तमी तिथि – महाकवि तुलसीदास केर पुण्य तिथि केर रूप मे मनाओल जाएत अछि। आइ सावन मासक शुक्ल पक्ष केर सप्तमी वैह पुण्य तिथि थीक आ महिषी सँ शुभाकांक्षी सर्वप्रिय अमित आनन्द जी मैथिली जिन्दाबाद केँ संवाद पठबैत आजुक विशेषता केँ स्मरण करबाक लेल कहैत छथि। माँ मिथिलाक हर-घर मे रामायण: तुलसीदास केर लोकप्रियता जन-जन मे

गीता ज्ञानक विभिन्न स्रोत: जानकारी स्वाध्याय मे रुचि रखनिहार लेल

माता वनजा रविनायर, मुंबई। अगस्त २२, २०१५. भारतीय दर्शनशास्त्र केर सम्पन्नता विश्व-प्रसिद्ध अछि। मानव हित मे ज्ञान आ आत्मसम्मान लेल स्वाध्यायक आवश्यकता कहल गेल अछि। गीत सर्वश्रेष्ठ शास्त्र स्वाध्याय लेल मानल गेल अछि। जेना महाभारत मे श्रीकृष्ण द्वारा अर्जुन केँ शिक्षा दैत समस्त मानवलोक लेल श्रीमद्भागवद्गीताक प्राकट्य जनैत छी, किछु तहिना अलग-अलग शास्त्र आ समय गीता ज्ञानक विभिन्न स्रोत: जानकारी स्वाध्याय मे रुचि रखनिहार लेल

मैथिलीक प्रवास आन्दोलनक एक अध्यायक अन्त: सत्यानन्द पाठक केँ श्रद्धाञ्जलि

किसलय कृष्ण, सहरसा। अगस्त २१, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! दिन कटाउन लगैय’ ….राति भयाउन लगैय’…अहाँ बिनु जिनगी जेना काँट केर हार…..कोनो चर्चित गीतकारक ई पाँति मोन पड़ि रहल अछि आइ पाठकजी बिनु….. जिनका मोनमे दरेग छल अपन माटि, मनुक्ख आ मातृभाषा प्रति, जिनका आँखिमे सिनेह छल अपन अनुजपीढ़ी प्रति, जिनक हाथमे लेखनी छल हिन्दी पत्रकारिता मे मैथिलीक प्रवास आन्दोलनक एक अध्यायक अन्त: सत्यानन्द पाठक केँ श्रद्धाञ्जलि