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प्रवीण नारायण चौधरी

मिथिलाक ग्रामीण धरती पर राष्ट्र-स्तरीय कार्यक्रम ‘चैनपुर आइडोल’: अडिसन आइये होयत

चैनपुर, सहरसा। अक्टुबर ११, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! सृजनशील बनबाक अभ्यास – मिथिलाक विशिष्ट परिचय मे एक प्रमाणित बात होइत अछि। हर गाम मे एकटा विशिष्ट संस्कार एहि सृजनशीलता केँ बढावा देबाक लेल होइत छैक। सहरसा जिलाक ‘चैनपुर’ गाम मे कहियो मैराथन दौड़ तऽ कहियो गीत-संगीत प्रति समर्पित प्रतियोगिता आदिक आयोजन हरेक वर्ष कैल जाइत रहल मिथिलाक ग्रामीण धरती पर राष्ट्र-स्तरीय कार्यक्रम ‘चैनपुर आइडोल’: अडिसन आइये होयत

महान् संगीतकार रविन्द्र जैन नहि रहलाह: मैथिली गीत-संगीत मे सेहो अपूर्व योगदान केने छथि

किसलय कृष्ण, समाचार संपादक। दिल्ली, अक्टुबर १०, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! ‘भनहि विद्यापति, मोर भोलानाथ गति’ एहि प्रसिद्ध विद्यापति रचित गीत केँ अपन स्वर देनिहार सदगतिकेँ प्राप्त केलनि संगीत सम्राट रवीन्द्र जैन । हिन्दी फिल्मक बेछप संगीतकार, पौराणिक धारावाहिक सभकेँ अपन संगीत ओ स्वरसँ जीवन्त करयवला स्रष्टाकेँ विनम्र श्रद्धांजलि । मैथिलीमे तीनटा गीत केँ स्वर देलनि महान् संगीतकार रविन्द्र जैन नहि रहलाह: मैथिली गीत-संगीत मे सेहो अपूर्व योगदान केने छथि

झंझारपुर निर्दलीय विधायक उम्मीदवार पर खूनी हमला: चुनाव नहि लड़बाक धमकी

समाचार स्रोत: न्युज १८, ईटीवी। अक्टुबर १०, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! भैरवस्थान थानान्तर्गत गाम रैमा निवासी डा. सुनील कुमार झा जे झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र सँ निर्दलीय उम्मीदवार छथि, हुनका पर जानलेवा हमला बीतल राति कैल गेल अछि। हमलावर बन्दूक आ बम सँ लैस घर मे घूसिकय डा. झा पर हमला केलक, संगहि चुनावी मैदान सँ बाहर झंझारपुर निर्दलीय विधायक उम्मीदवार पर खूनी हमला: चुनाव नहि लड़बाक धमकी

गप्पी युक्त मिथिला: गप्प देबाक प्रवृत्ति मिथिला मे प्रचलित कियैक? निदान कि?

मैथिल गप्पी कियैक होइत अछि? – प्रवीण नारायण चौधरी मैथिल खूब गप्पी टा होइत अछि, वास्तविकता यैह छैक। अहाँ गप खूब लय सकैत छी मैथिल जनमानस सँ। एकरा लेल खूब शोध केलाक बाद पता चलैत छैक जे बेसी रास लोक, कहि सकैत छी जे सब कियो अपन पैर पर ठाढ छथि या हेबाक लेल तत्पर गप्पी युक्त मिथिला: गप्प देबाक प्रवृत्ति मिथिला मे प्रचलित कियैक? निदान कि?

ओकरा मनुखक माँस खेबाक इच्छा भेलैक…. गाय या सुग्गर नहि!

नैतिक कथा – अमर नाथ झा भारतक एकटा छोट सन गाम मे एगो छोट टा’क लोमड़ी अपन पिता लोमड़ सँ मनुक्खक माँस खेबाक इच्छा प्रकट केलक। बेटाक माँग भले कोन बाप केँ पूरा करबाक इच्छा नहि हेतैक। मुदा लोमड़ मनहि मन सोचलक जे मनुक्खक माँस सहज रूप सँ नहि भेटत, किछु आर सँ बेटा केँ रिझा लेब। ओकरा मनुखक माँस खेबाक इच्छा भेलैक…. गाय या सुग्गर नहि!

जनकपुर मे मिनाप द्वारा नुक्कर नाटक: अधिकारक बिगुल

मनीष कर्ण, जनकपुर। अक्टुबर ९, २०१५. मैथिली जिन्दाबाद!! आइ जनकपुर केर जनक चौक पर मिथिला नाट्य कला परिषद् (मिनाप) द्वारा सड़क नाटक प्रस्तुत कएल गेल। पछिला ५५ दिनसं मधेसमे भ’ रहल मधेसक आन्दोलन केँ आरो बेसी उर्जान्वित करबाक हेतु “अधिकारक बिगुल” नामक सड़क नाटक सैकड़ों दर्शक बीच मंचन कैल गेल छल। नाटक मे मधेस आन्दोलन मे जनकपुर मे मिनाप द्वारा नुक्कर नाटक: अधिकारक बिगुल

संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाक बिरोध सभा सुखीपुर मे सम्पन्न

कृष्ण मोहन चौधरी, सुखीपुर (सिरहा) आसिन २० गते । मैथिली जिन्दाबाद!! संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाक आयोजन निर्वाचन क्षेत्र नं ४ मे बृहत बिरोध सभा सिरहाक सुखीपुरमे सम्पन्न कयलक अछि । नेपाल सद्भावना पार्टीक अध्यक्ष राम बहादुर महतो केर अध्यक्षता तथा पुर्व मन्त्री बिजय यादव केर प्रमुख अतिथ्य मे कार्यक्रम सम्पन्न भेल से संघिय समाजबादी फोरम नेपालक संयुक्त लोकतान्त्रिक मधेसी मोर्चाक बिरोध सभा सुखीपुर मे सम्पन्न

विचार अपन अपन मे ‘हमर विचार’

किछु अपन हृदयसँ कही! विद्यापति हमर आदर्श छथि, समारोह हमर जीवनक अंग थीक। धन्य यैह समारोह जे हमरा में जोश आ उत्साह देलक जे अपन मिथिला प्रति सजग बनी, नहि तऽ एहि संस्कृतिकेँ विस्मृति में फेकबाक भरपूर सरकारी उपेक्षा आ षड्यन्त्र अपन मारूख असर देखबय लागत। महादेव आ काली – बाबा आ मैया सदिखन सुन्दर विचार अपन अपन मे ‘हमर विचार’

मिथिलाक इतिहास आ वर्तमान समाज: शास्त्र-पुराण सँ वर्तमान धरि

मिथिला के राजा एक नहि बल्कि अनेक! (पौराणिक तथा शास्त्रोक्त इतिहास पर आधारित शोध-विचार) – प्रवीण नारायण चौधरी एक जनक – एक दरभंगा महाराजा! जनकजी के समयक बहुत बात नहि अछि पता – बस कथामें चर्चा-परिचर्चा पढैत-सुनैत किछु-किछु बुझैत छी… जेना काल्हिये श्रीमद्देवीभागवतकेर स्वाध्यायमें व्यासदेव अपन पुत्र शुकदेवजी सँ कहैत देखेलाह जे मिथिलाके राजा जनकजी मिथिलाक इतिहास आ वर्तमान समाज: शास्त्र-पुराण सँ वर्तमान धरि

बंगाल सँ बिहार – बिहार सँ उड़ीसा-झारखंडक बाद आब मिथिला

आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी बिहार बनल कारण आधुनिकताके वयार आ बुद्ध सऽ जुडल लोकप्रियता केर मोल संग अलग-अलग संस्कृतिकेँ एक संग जोडि रखबाक प्रेरणा तत्त्व हावी छल। लेकिन बड पैघ परिवार बनला सऽ विकास तऽ दूर लोक-संस्कृति केर संरक्षण तक नहि कैल जा सकल। अन्य राज्यक तुलना बिहार अति पिछड़ल राज्य बनल रहल। बादमें उड़ीसा बंगाल सँ बिहार – बिहार सँ उड़ीसा-झारखंडक बाद आब मिथिला