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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिल सर्जक परिचयः गजेन्द्र गजुर

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः गजेन्द्र गजुर, मैथिली कवि – गजलकार नेपालदेश मे मैथिली दोसर सर्वाधिक बाजल जायवला भाषा थीक। एहि देश मे जनगणनाक तथ्यांक अनुरूप दोसर स्थान रहितो आइ धरि सरकार द्वारा कोनो विशेष संरक्षण नहि भेटल। हालहि गणतांत्रिक नेपाल केर पहिल जनता-चयनित सरकार माओवादी पार्टीक अगुवाई मे ‘विद्यापति’ समान महाकविक स्मृति मे एकटा संरक्षण कोष मैथिल सर्जक परिचयः गजेन्द्र गजुर

राजा सलहेश आर मिथिला

आलेख – प्रकाश कमती (अनुवादक) राजा सल्हेस के छलाह…? राजा सल्हेस जी केँ मधुबनी जनपद सहित समस्त मिथिला में सर्वजातीय श्रद्धा प्राप्त छैन्ह। हिनक शौर्य आ राज्य प्रशासन केर अदभुत क्षमता सँ परिपूर्ण गाथा, उपन्यास, नाटक, रेडियो नाटक, सिनेमा, लोकचित्र एवं अनेक साहित्यिक सांस्कृतिक माध्यम सँ विशेष स्पंदित नै भेल अछि। महाराजा सल्हेस केर जन्म राजा सलहेश आर मिथिला

नेपाल केँ गणतंत्र बनेबाक मांग पर शहीद दुर्गानन्द झाक तीन चिट्ठी

नेपाल मे गणतंत्र चाही – एहि मांग लेल शहदाति देनिहार ‘दुर्गानन्द झा’ पर युवा लेखक ‘निराजन झा’ केर संस्मरण आलेख शहीदक लिखल ओ तीन टा चिट्ठी कतय गेल? – निराजन झा, राजविराज, सप्तरी।  २०२० माघ १५ के राति जेलमे करीब १२ बजे दिस दु बेर गोली के आवाज सुनबामे आयल । जेलमे रहिरहल जेलिया सबके नेपाल केँ गणतंत्र बनेबाक मांग पर शहीद दुर्गानन्द झाक तीन चिट्ठी

वरिष्ठ मैथिली लेखक आचार्य सोमदेव शिकस्त बीमारः आउ प्रार्थना करी

सहरसा, जनबरी २८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!   आइ भोरे-भोर मैथिली साहित्य जगत् लेल एकटा दुःखक समाचार अछि जे वरिष्ठ लेखक आचार्य सोमदेव जी शिकस्त बीमार पड़ि गेल छथि। अपन पुत्र ज्योतिवर्धन जे स्वयं एकटा नामी मैथिली भाषा कवि छथि आर हिन्दी भाषाक प्रोफेसर छथि सहरसा मे – हुनकहि लंग रहि रहला वरिष्ठ स्रष्टा मैथिली साहित्यक वरिष्ठ मैथिली लेखक आचार्य सोमदेव शिकस्त बीमारः आउ प्रार्थना करी

गीताः तत्त्व केँ बुझैत कर्म करू – परमात्मा मे सदैव लीन रहू

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय   (निरन्तरता मे… भगवान् कृष्ण द्वारा अपन बेर-बेर अवतारक रहस्य व बेर-बेर जन्म लेबाक प्रकृति हरेक जीब केर रहल से स्पष्ट करैत आसक्ति, भय व क्रोध सँ मुक्त भऽ केवल परमात्मा मे सदिखन मोन लगेने, ज्ञानरूप तपस्या सँ पवित्र केवल परमात्माक शरण मे रहनिहार हुनकर लोक केँ पाबि चुकल अछि, एहेन गीताः तत्त्व केँ बुझैत कर्म करू – परमात्मा मे सदैव लीन रहू

प्रीति प्रियाक किछु रचनाः बेटा – बेटी – छठि केर ठोस परिचय

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः प्रीति प्रिया झा – मैथिली कवियित्री संकलनः शिव कुमार झा टिल्लू, जमशेदपुर सँ लेखनी सँ व्यक्तित्वक पहिचान कैल जाएछ। स्रष्टा प्रीति प्रियाक लेखनी मे प्रस्तुत अछि बेटा, बेटी एवं छठि परमेश्वरी पर तीन कविता। अन्त मे कवियित्रीक परिचय तथा संकलनकर्ता स्रष्टा शिव कुमार झा टिल्लू भाइ द्वारा संस्मरणक किछु शब्द। मैथिली जिन्दाबाद प्रीति प्रियाक किछु रचनाः बेटा – बेटी – छठि केर ठोस परिचय

विराटनगर मे मैथिली सिखबाक कार्यशालाः संचारकर्मी लेल

सूचनाः विराटनगर मे आयोजित अनेकों मैथिली कार्यक्रम मे भाषाक विविधता पर तऽ चर्चा होइते अछि, संचाकर्मी तथा युवा तुरक जनमानस मे एकर लेखनकला – पठनशैली आ वाचनकला केँ सेहो चुनौतीपूर्ण मानल जेबाक धारणा सब विभिन्न पक्ष द्वारा राखल जाएत अछि। तिलासंक्रान्ति केर अवसर पर रेडियो मकालू द्वारा लाइव प्रसारित कैल गेल कार्यक्रम मे एकर लेखन, विराटनगर मे मैथिली सिखबाक कार्यशालाः संचारकर्मी लेल

गणतंत्र दिवस पर करियन मे बालिका द्वारा नाटकः गामक परंपरा

करियन, समस्तीपुर। फरबरी २७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! अपन सभक सांस्कृतिक परंपरा सबल रहल अछि । अवसर कोनो होइ हम सब गीत-नाद आ नाटक कैये लैत छी । मुदा आइ-कल्हि नाटक नै जेकाँ देख रहल छी ।एहन विषम परिस्थितिमे जत’ नाटक बंद जकाँ भ’ गेल अछि, महिलाक मंच धरि जएबाक मने हम सब किदन-कहाँदन सोच’ लागै गणतंत्र दिवस पर करियन मे बालिका द्वारा नाटकः गामक परंपरा

पहिल मैथिली लप्रेकः प्रेमक टाइमलाइन

विकास झा, हैदराबाद। जनबरी २७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! एतहि भुतिया गेलहुँ? एखन त’ पूरा टाइमलाइन बांकीए अछि ! त’ देरी कथीक? अपन प्रति एखने सुरक्षित कराउ। आउ https://www.sappymart.com/home/201–.html पर आ प्री-बुकिंग करा डिस्काउंटक आनंद लिअ। 09934666988/09334359514/9776843779 _________________________ मिथिला प्रेमक नगरी रहल अछि आ मैथिली प्रेमक भाखा। आ से रहितो मैथिलीमे प्रेम संबंधी कथाक व्याप्त अकाली सहजहि अकानल पहिल मैथिली लप्रेकः प्रेमक टाइमलाइन

हम भारतक बेटी – बेटा एना बनि सकैत छीः लेखिका रितु झा

अधिकारः बेटीवर्ग केर उन्नतिक आधार – रितु झा, लेखिका/आकाशवाणी उद्घोषिका, जमशेदपुर आनंदपूर्वक आर सुखमय जीवन जियबाक लेल प्रत्येक व्यक्ति केँ किछु स्वतन्त्रता तथा अधिकार केर आवश्यकता होइछ। अधिकार – जेकर अर्थ हम कहि सकैत छी, व्यक्ति केँ ओकर हितक हेतु देल गेल स्वाधीनता या फेर एहेन सुविधा जेकरा द्वारा ओ अपन व्यक्तित्व केर सर्वांगीण विकास हम भारतक बेटी – बेटा एना बनि सकैत छीः लेखिका रितु झा