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प्रवीण नारायण चौधरी

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल पटनाक दोसर दिन: परमानन्दक बरखा

पटना, फरबरी १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली भाषा-साहित्यक संग संस्कृति केँ विश्व बाजार धरि पहुँचेबाक महत्वपूर्ण लक्ष्य संग आयोजित दोसर बेरुक मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल जहिना पहिल दिन अनेको विधा पर चर्चा केलक, तहिना दोसर दिनक शुरुआत पूर्व नियत समय यानि १० बजे भोरे सँ “धिया-पूता” सत्र केर आरम्भ करैत बाल साहित्यक वर्तमान तथा भविष्य पर मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल पटनाक दोसर दिन: परमानन्दक बरखा

सुच्चा मैथिल द्वारा दिल्ली आ बम्बई मे सरस्वती पूजनोत्सव

राम नरेश शर्मा, मुंबई। फरबरी १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!   “सुच्चा मैथिल” केर तरफ सं आयोजित सरस्वती पुजनोत्सव मुंबई केर विरार पूर्व (ममता गार्डन, फुलपाडा) आ दिल्ली केर संगम विहार(शिरोमणि पब्लिक स्कूल) में दिनांक १३ फरवरी केँ संपन्न भेल ।   चूंकि मैया शारदे के पुजनोत्सव बहूत रास जगह मनायल गेल ताहि लऽ कऽ सब सुच्चा मैथिल द्वारा दिल्ली आ बम्बई मे सरस्वती पूजनोत्सव

साल मे १ दिन सरस्वती बाकी ३६४ दिन लक्ष्मी

रवि कुमार मंडल ‘मिथिला’, मुम्बई। फरबरी १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! सरस्वती माताक ध्यान कैल गेलनि   एहि बेर मुम्बई मे दुइ दिन सरस्वती पूजा मनाओल गेल अछि। खासकय मैथिल बाहुल्य क्षेत्र मे मुम्बई मे माता सरस्वतीक पूजा-अर्चना लेल खूब पंडाल आदि लगाओल गेल सुनलहुँ। हमहुँ सब ठाम तऽ नहि मुदा किछु जगह भगबतीक दर्शन लेल साल मे १ दिन सरस्वती बाकी ३६४ दिन लक्ष्मी

मैथिल द्वारा दिल्ली मे सरस्वती पूजनोत्सवः मनीष सिसोदियाक सम्मान

दिल्ली। फरबरी १५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! विद्यापति मैथिल युवा मंच द्वारा विनोद नगर (दिल्ली) मे चौदहम बेर सरस्वती पूजा महोत्सव धूमधाम सऽ मनेलक। आयोजक द्वारा उक्त पूजाक सफल आयोजन हेतु पैछला दू मास सँ तैयारी कैल जा रहल छल। हरेक वर्ष नव-नव प्रयोगक क्रम मे एहि बेर विभिन्न प्रतियोगिताक संग सांस्कृतिक संध्या केर आयोजन कैल गेल छल। मैथिल द्वारा दिल्ली मे सरस्वती पूजनोत्सवः मनीष सिसोदियाक सम्मान

मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली द्वारा बसंतोत्सवपर कवि गोष्ठी

श्रीचंद कामत, नई दिल्ली : 14 फरबरी, 2016. मैथिली जिन्दाबाद!!   मैथिली साहित्य महासभा द्वारा दिनांक 14 फरबरी, 2016 केँ दिल्ली स्थित भारतीय मजदूर संघ, दत्तोंपत ठेंगड़ी भवन में अपराह्न 4 बजे सँ 7:30 बजे संध्याकाल धरि बसंतोत्सव पर मैथिली कवि गोष्ठी आयोजित भेल ।   एहि कवि गोष्ठीक अध्यक्षता मिथिलाक प्रसिद्ध गायिका व कवियित्रि मैथिली साहित्य महासभा दिल्ली द्वारा बसंतोत्सवपर कवि गोष्ठी

मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केर पहिल दिनः अलौकिक-अविस्मरणीय

पटना। फरबरी १५, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल – तीन दिवसीय साहित्य सम्मेलनक संग पुस्तक मेला, मिथिला खान-पान एवं चित्रकला प्रदर्शनीक अपूर्व आयोजन, साल २०१४ केर पहिल आर एहि बेरुक दोसर आयोजन दिसम्बर १२-१४, २०१५ केर तारीख परिवर्तन भेलाक बाद फरबरी १२-१४, २०१६ मे भव्यतापूर्वक संपन्न भेल अछि। मैथिली लेखक संघ, पटना द्वारा आयोजित, मैथिली लिटरेचर फेस्टिवल केर पहिल दिनः अलौकिक-अविस्मरणीय

पटना मे मैथिली लिट्रेचर फेस्टिवल काल्हि सँ तीन दिन तक

पटना, फरबरी ११, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मैथिली लेखक संघ – पटना केर तत्त्वावधान मे आयोजित ‘मैथिली लिट्रेचर फेस्टिवल’ काल्हि सँ शुरु भऽ रहल अछि। ई आयोजन यूथ होस्टल – पटनाक प्रांगण मे आयोजित होयत। आइ एहि सम्बन्ध मे आयोजक संस्था द्वारा बिहार केर राजधानी पटना मे एकटा प्रेस कान्फ्रेन्स केर आयोजन कैल गेल छल। आयोजनकर्ता पटना मे मैथिली लिट्रेचर फेस्टिवल काल्हि सँ तीन दिन तक

मैथिल जनमानस द्वारा दिल्ली मे सरस्वती पूजनोत्सव

दिल्ली। फरबरी ३, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिलाक लोक लेल विद्याधनक प्रधानता सर्वविदिते अछि। विद्याक देवी सरस्वती केर आराधना ओनाहू लोक नित्य एहिठाम करैत छथि। तखन तऽ आब माघ पंचमीक खास दिन माँ शारदेक विशेष पूजनोत्सव सेहो नजदीक आबि गेल अछि। दिल्ली स्थित विद्यापति मैथिल युवा मंच – विनोद नगर द्वारा एहि बेर चौदहम वर्ष सरस्वती मैथिल जनमानस द्वारा दिल्ली मे सरस्वती पूजनोत्सव

मैथिल सर्जक परिचयः अशोक कुमार सहनी

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः अशोक कुमार सहनी – मैथिली कवि एवं ‘अप्पन मिथिला’ अभियानी प्रवासी मैथिल सर्जकसबमे चित परिचित नाम अछि – अशोक कुमार सहनी ।   नेपालक सिरहा जिल्लाके लहान नगरपालिका वाड नं ४ रघुनाथपुर घर रहल अशोक जी वैदेशिक रोजगारीक शिलशिलामे एखन दोहा क़तारक एकटा कम्पनीमे कार्यरत छथि ।   प्रवासमे रहियोक’ अपन माटि मैथिल सर्जक परिचयः अशोक कुमार सहनी

गीताः ज्ञानरूपी अग्नि समस्त कर्म केँ भस्म करैछ

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय   (निरन्तरता मे….. भगवान् द्वारा यज्ञरूपी कर्मकेर विभिन्न विभाग पर प्रकाश – आत्मसंतुष्ट लेल कर्मबन्धन नहि बनबाक बात… ई संसार केवल यज्ञ कएनिहार लेल होयबाक स्पष्टोक्ति… यज्ञ नहि कएनिहार लेल सांसारिक यात्रा अत्यन्त कठिन… आगाँ…)   एवं बहुविधा यज्ञा वितता ब्रह्मणो मुखे। कर्मजान्विद्धि तान्सर्वानेवं ज्ञात्वा विमोक्ष्यसे॥४-३२॥   एहि तरहें आरो कतेको गीताः ज्ञानरूपी अग्नि समस्त कर्म केँ भस्म करैछ