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प्रवीण नारायण चौधरी

जो जागत है सो पाबत है जो सोबत है सो खोबत है

जुलाई १८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! पैछला दुइ सप्ताह सँ अनलाइन अपरेशन यात्रा मे व्यस्तताक कारण संभव नहि भऽ सकल। समयाभाव मे मैथिली जिन्दाबाद लेल नव एडमिन केर नियुक्ति आ प्रशिक्षण कार्य पूरा नहि भऽ सकल अछि। जिनका सब पर पहिने सँ भार अछि ओ सब एखन धरि अनलाइन मैटर लगेनाय नहि जनलनि अछि। जे जनितो जो जागत है सो पाबत है जो सोबत है सो खोबत है

सजग कविता संस्कृति केर आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली मे

अरुणाभ सौरभ, दिल्ली सँ! मैथिली जिन्दाबाद लेल १० जुलाई प्रेषित संवाद! काल्हि 9 जुलाई कें ‘सजग कविता संस्कृति’ केर तत्वावधान मे दिल्लीक पहाड़गंज मे आयोजित मैथिली कविता सन्ध्याक आयोजन क’ अपार हर्खक अनुभूति भेल । आत्मीयता सं भरल आ सादगीपूर्ण एहन आयोजन जाहि मे तीन दर्जन श्रोता समूहक बीच मे श्री रमण कुमार सिंह, श्री सजग कविता संस्कृति केर आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली मे

तन मन धन सँ मैथिली लेल समर्पितः प्रो. डा. केष्कर ठाकुर

विशिष्ट व्यक्तित्व परिचयः डा. प्रो. डा. केष्कर ठाकुर साभार निक्की प्रियदर्शिनी – शोध छात्रा एवं मैथिली विदुषी – कवियित्री – रचयिता अपने लोकनिक सोझाँ मे आइ राखि रहल छी विशिष्ट व्यक्तित्व परिचय आदरणीय आ पूजनीय विद्वान् डा. केष्कर ठाकुर जी केर, जिनक योगदान सँ हाल धरि दर्जनो छात्र एक सँ बढिकय एक विषय पर शोध तन मन धन सँ मैथिली लेल समर्पितः प्रो. डा. केष्कर ठाकुर

मिथिला राज्यक माँग केर समर्थन मे अभियान गीतक रेकर्डिंग

विराटनगर, जुलाई १७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! जनक-जानकी केर मिथिलाक दीपक केँ कियो मिझा नहि सकैछ, भले एहि लेल कतबो केहनो कूराजनीति कियैक नहि कय लियय…. एहि उक्ति केँ प्रमाणित करैत अछि नेपालक मिथिलाक युवा अभियानी आ सर्जक-स्रष्टा वर्ग। ई युवा अभियानी सब विद्यालय सँ महाविद्यालय धरिक विद्यार्थी छथि, लेकिन हिनका सब मे अपन मातृभाषा मैथिलीक मिथिला राज्यक माँग केर समर्थन मे अभियान गीतक रेकर्डिंग

मैथिली लेल विद्यालय स्तर पर छात्र जागरण जरुरीः डा. अरुणा चौधरी

सन्दर्भः मैथिली मे पढबाक रुचि प्रति खास मैथिल जनमानस मे उदासीनता विचारः डा. अरुणा चौधरी, मैथिली विभागाध्यक्ष, मगध महिला महाविद्यालय, पटना मैथिली भाषा एक तरफ युपीएससी मे आइएएस-आइएफएस दैत देश मे उच्च स्थान प्राप्त कय रहल अछि, दोसर दिस चहुँदिस मैथिली-मिथिलाक शोर-गूल उठल एना लगैत अछि जे आब सब कियो जाग्रत भऽ गेलहुँ अछि। तैयो, मैथिली लेल विद्यालय स्तर पर छात्र जागरण जरुरीः डा. अरुणा चौधरी

विश्व केर सबसँ पैघ श्रावणी मेलाक शुभारंभ शीघ्र

जुलाई १७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!!   पुराण मे वर्णित भगवान शिव केर उपासनाक खास महत्व साओन मास मे विशेष कहल गेल अछि। ओना तऽ शिव केर पूजन विधि सब दिन आ सब समय अपरिहार्य अछि, परन्तु साओन मास मे स्थापित शिवलिंग पर जलार्पण करबाक एकटा विशेष परंपरा हिन्दू धर्मावलंबी बीच बेसी लोकप्रिय अछि।   महादेव विश्व केर सबसँ पैघ श्रावणी मेलाक शुभारंभ शीघ्र

ईश्वर केर सतत स्मरण सँ अन्त मे मुक्ति सुनिश्चित अछि

गीताक तेसर बेरुक स्वाध्याय (निरंतरता मे – अध्याय ७ मे भगवान् भक्तिक विभिन्न रूप केर चर्चा करैत केना हुनका देखल जा सकैत अछि, के हुनका प्राप्त कय सकैत अछि, भक्त कतेक प्रकार होएत अछि… तेकर बाद अध्याय ८) ॥ ॐ श्रीपरमात्मने नम:॥ श्रीमद्भगवद्गीता अथ अष्टमोऽध्याय: आठम अध्याय [अनुवाद- परमश्रद्धेय स्वामीजी रामसुखदास जी महाराज विरचित गीताप्रेस ईश्वर केर सतत स्मरण सँ अन्त मे मुक्ति सुनिश्चित अछि

निर्धन के बेटी बनि जग मे सहब कतेक अपमान यौ

प्रसिद्ध गीत – जेकर मर्म हृदय केँ छूबि जाएत अछि, दहेज मुक्त समाज निर्माणार्थ एहि गीत केँ हम सब बेर-बेर मनन करी। आइ एक गैर-मैथिलीभाषी सज्जन ई गीत उपलब्ध करेबाक अनुरोध पठौने छलाह।  गीत बारि वयस बितै अछि हमरो, सुनियौ कृपानिधान यौ। निर्धन के बेटी बनि जगमे, सहब कतेक अपमान यौ॥   काका घुरला वर निर्धन के बेटी बनि जग मे सहब कतेक अपमान यौ

मिथिला राज्य लेल १८ जुलाई केँ रूटीन धरना-प्रदर्शन जन्तर-मन्तरपर

दिल्ली, जुलाई १६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! परसू १८ जुलाई सोम दिन भारतीय संसद केर नव सेशनक शुरुआतक दिन अखिल भारतीय मिथिला राज्य संघर्ष समिति द्वारा रूटीन धरना-प्रदर्शन कैल जायत। ई समाचार समितिक महासचिव शिशिर कुमार झा अपन फेसबुक मार्फत सँ करबैत एहि मे एनसीआर (दिल्ली व आसपास) सँ मिथिलावासी सब केँ सहभागी बनबाक अपील कएलनि मिथिला राज्य लेल १८ जुलाई केँ रूटीन धरना-प्रदर्शन जन्तर-मन्तरपर

मिथिला आन्दोलनः आलोचना सँ सीखबाक जरुरत

नेता बिन्देसरक कथा – प्रवीण नारायण चौधरी (अक्टुबर ४, २०१३ मे लिखल एक कथा) बिन्देसर बच्चे सऽ बड कुशाग्र बुद्धिक छल। मिडिल स्कूलमें पढैत समयसँ कालिजके पढाइ तक परीक्षाक फीस, ट्युशनक फीस, बटखर्चा, पुस्तक कीनबाक खर्च आ सभ बात के इन्तजाम लेल ओ माता-पितासँ पाइ नहि लऽ अंडी फर तोडि आ सुखाय अंडी बिया बेचि, मिथिला आन्दोलनः आलोचना सँ सीखबाक जरुरत