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प्रवीण नारायण चौधरी

पूर्वी मिथिलाक कमान दिग्गज नेतृत्वकर्ता केँः मिरानिसे

फारबिसगंज, अगस्त २८, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला राज्य निर्माण सेना द्वारा पूर्वी मिथिला क्षेत्र मे सम्पर्क अभियान राष्ट्रीय महासचिव राजेश झा केर नेतृत्व मे जारी अछि। काल्हि २७ अगस्त सम्पर्क अभियान अररिया जिलाक जोगबनी, फारबिसगंज एवं जिला मुख्यालय अररिया मे संचालित भेल। वरिष्ठ नागरिक, समाजसेवी, बुद्धिजीवी, राजनीतिकर्मी, छात्र समूह व पंचायत/नगर सेवक सब सँ भेंटघांट पूर्वी मिथिलाक कमान दिग्गज नेतृत्वकर्ता केँः मिरानिसे

रेणु केर धरती पर मिथिला राज्य अभियानीक दुइ दिवसीय दौरा

फारबिसगंज, अगस्त २७, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला राज्य निर्माण सेना अपन स्थापनाकाल सँ एकमात्र लक्ष्य ‘संविधान मे मिथिला केँ सम्मान’ हेतु जनजागरण हेतु सदिखन आगू बढैत देखा रहल अछि। २०१३ मे तीन टा यात्रा सँ विभिन्न पश्चिमी, मध्य ओ दक्षिणी जिला केँ समेटने छल आर तेकर बाद विभिन्न चुनावक कारण यात्रा मे किछु शिथिलता उपरान्त आब रेणु केर धरती पर मिथिला राज्य अभियानीक दुइ दिवसीय दौरा

समस्तीपुर सँ हस्ताक्षर अभियान होयत शुरुः अभामिपा

बिभास चौधरी, मुम्बई। अगस्त २६, २०१६. मैथिली जिन्दाबाद!! मिथिला युवा परिषद केर तरफ सँ रोहित यादव आम अपील करैत कहलैन अछि जे आमजन लेल काएल जा रहल कुनो प्रयास तखने सफल होइत छैक जखन प्रयास केनिहारक संग आमजन सेहो देथिन्ह। “अखिल भारतीय मिथिला पार्टी” एकटा मिथिलावादी राजनितिक दल अछि जेकरा उप्पर “जन-जागरण के संग संग जन-कल्याण” समस्तीपुर सँ हस्ताक्षर अभियान होयत शुरुः अभामिपा

मिथिलाक प्रसिद्ध गोनू झा वर्तमान समय दिल्ली मे

गोनू झा सँ दिल्ली मे भेंट भेलः कथा – प्रवीण नारायण चौधरी   भारतक राजधानी दिल्ली – भौगोलिक दृष्टि सँ हिमालय सँ १६० किलोमीटर दक्षिण, समुद्रतल सँ लगभग ७००-१००० फीट ऊंचाई पर, ५१ किलोमीटर लंबा आ ४९ किलोमीटर चौड़ा, ८०० वर्ग किलोमीटर शहरी, ७०० वर्ग किलोमीटर ग्रामीण आ यमुना नदीक किनार मे बसल अछि। सब मिथिलाक प्रसिद्ध गोनू झा वर्तमान समय दिल्ली मे

कृष्णाष्टमी पर भगवान् केँ कोना-कोना याद कएलनि मैथिल स्रष्टा लोकनि

कृष्णाष्टमी विशेष सौभाग्यक बात अछि जे वर्तमान समयक अनेक मैथिल स्रष्टा अपन सुमधुर मातृभाषा मैथिली मे नव-नव रचना आ पुरान कालजयी रचना सबकेँ सेहो हमरा लोकनिक सोझाँ मे अनैत रहैत छथि। अवसर कृष्णाष्टमीक हो आर मैथिल सर्जक लोकनिक सृजनशील मन चुप रहि जाय ई संभवे नहि अछि, आइ भोरे-भोर सोसल मिडिया पर कतेको रास कवि कृष्णाष्टमी पर भगवान् केँ कोना-कोना याद कएलनि मैथिल स्रष्टा लोकनि

हमरा चाही मिथिला राज्यः मैथिल मंच

विचार – मणिभूषण राजू, संस्थापक, मैथिल मंच नमस्कार सदस्यगण, . मिथिला राज्य पर चर्चा करय छी त बहुत लोक पुछि दैत छथि कि मिथिला राज्य बनने की फायदा होयत । हमर प्रथम उत्तर रहैत अछि जे हम मिथिला राज्य अपन कोनो फायदा लेल नहि चाहि रहल छी, अपन पहचान “हम मैथिल छी”…. हासिल करय लेल हमरा चाही मिथिला राज्यः मैथिल मंच

सिनेहिया बिसरि बैसल अछि गाम केर लेखक सम्बन्ध मे

विचार – शंकर कुमार (फेसबुक मार्फत) परमप्रिय भोली भाई एकटा साहित्यिक जिज्ञासा उठाओल जे ” सिनेहिया बिसरि बैसल अछि गाम ” गीत केर लेखक के ? प्रतिक्रिया पढ़ैत रही, टैग होइत रही मुदा जवाब नहि छल तैं चुप रही मुदा अपना भरि अन्वेषण में लगलहुँ आ आदरणीय कक्का जी “श्री देव कान्त मिश्र” सौं तथ्य सिनेहिया बिसरि बैसल अछि गाम केर लेखक सम्बन्ध मे

मिथिलाक्षेत्रक आन्तरिक विभाजनः राजनीति कि षड्यन्त्र

मिथिलाक्षेत्र केँ उपक्षेत्र मे विभाजनक उद्देश्य कि? इतिहास प्रसिद्ध भौगोलिक क्षेत्र ‘मिथिला’ केँ विखंडित करबाक षड्यन्त्र भाषा केँ तोडिकय, आन्तरिक भौगोलिक विशिष्टता केँ मूल सँ विच्छेद कय केँ आर क्षुद्र राजनीतिक हित लेल करबाक बात देखल जाएत अछि। एहि क्रम मे अररिया, किसनगंज, पुर्णिया ओ कटिहार जिलाक क्षेत्र केँ सीमांचल कहिकय विगत किछु वर्ष सँ मिथिलाक्षेत्रक आन्तरिक विभाजनः राजनीति कि षड्यन्त्र

जनकपुर केर जानकी मन्दिर सँ काटल गेल बिजलीक लाइन

साभारः श्यामसुन्दर शशि, जनकपुर केर कान्तिपुर पर प्रकाशित रिपोर्ट भाद्र ७, २०७३ (अगस्त २४, २०१६ – जनकपुर) – लंबा समयसँ विद्युत महसूल नहि जमा कएनिहार उपभोक्ता सभक विद्युत कनेक्शन काटबाक राष्ट्रिय अभियान अन्तर्गत सोम दिन विश्वप्रसिद्ध जानकी मन्दिर सहित ६ टा मठ मन्दिर, अस्पताल एवं सरकारी कार्यालयक बिजली काटल गेल अछि । विद्युत प्राधिकरण जनकपुर वितरण केन्द्रक जनकपुर केर जानकी मन्दिर सँ काटल गेल बिजलीक लाइन

रमेश बाबुक वैसाखीक सहारा चलबाक राज

संस्मरण – सत्यनारायण झा, पटना लगभग 30-40 साल पहिनेक बात छैक, एकबेर हम कोनो काज सँ बेनीपट्टी –सरिसब गाम गेल रही । ओहि गाम मे हमर सम्बन्धी लोकनि छथि । गाम तए ओना रोडे कात मुदा बर पिछरल । हम कुटुम्ब कए दलान पर बैसल रही । कतौ सँ रमेशजी पहुँचलाह । बैसाखी सहारे चलैत रमेश बाबुक वैसाखीक सहारा चलबाक राज