मिथिला मे पर्यटन उद्योगक संवर्धन-प्रवर्धनक आवश्यकता
आलेख – प्रवीण नारायण चौधरी अत्यन्त प्राचीन सभ्यताक नमूना ‘मिथिला’ संयोगवश अपन भाषा ‘मैथिली’ सहित आइयो जीबित अछि। एखनहु एहि ठामक माटि-पानि-हवा मे वैह ओज झलकैत अछि जे सत्ययुग, त्रेता आ कि द्वापर मे रहबाक बात पुराणादि मे उल्लेख कैल गेल अछि। आब जनक समान राजाक संरक्षण एतय नहि अछि, ताहि हेतु भूगोल मे ई … मिथिला मे पर्यटन उद्योगक संवर्धन-प्रवर्धनक आवश्यकता









